Advertisement

श्रीनगर एयरपोर्ट पर विमान के सामने आई बर्फ की चट्टान, सभी यात्री सुरक्षित

इंडिगो एयरलाइंस का विमान एयरपोर्ट पर ही जमी बर्फ के काफी करीब आ गया. इसके चलते एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी मच गई. राहत की बात ये रही कि हादसे में किसी यात्री को कोई नुकसान नहीं पहुंचा. 

श्रीनगर एयरपोर्ट पर टला बड़ा हादसा श्रीनगर एयरपोर्ट पर टला बड़ा हादसा
अशरफ वानी
  • श्रीनगर,
  • 13 जनवरी 2021,
  • अपडेटेड 4:55 PM IST
  • श्रीनगर एयरपोर्ट पर टला हादसा
  • बर्फ के करीब आया विमान
  • सभी यात्री सुरक्षित, विमान रवाना

जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर एयरपोर्ट पर बुधवार को बड़ा हादसा होते होते बच गया. यहां इंडिगो एयरलाइंस का विमान एयरपोर्ट पर ही जमी बर्फ के काफी करीब आ गया. इसके चलते एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी मच गई. राहत की बात ये रही कि हादसे में किसी यात्री को कोई नुकसान नहीं पहुंचा. 

बता दें कि कश्मीर के ज्यादातर इलाके भारी बर्फबारी के चलते सफेद चादर से ढके हुए हैं, जिसके चलते अधिकतर सड़कें बंद हैं. बर्फबारी का असर विमान सेवाओं पर भी पड़ रहा है. हालांकि, एयरपोर्ट को सुचारू रूप से चलाने के लिए एयरपोर्ट पर भारी व्यवस्था की गई है.

Advertisement

देखें- आजतक LIVE TV

जानकारी के मुताबिक, इंडिगो के इस विमान के इंजन का दायां हिस्सा बर्फ में फंस गया. इसके तुरंत बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और पूरे विमान की जांच की गई. हालांकि बाद में विमान को रवाना कर दिया गया.

पारा माइनस 7.8 डिग्री तक लुढ़का

श्रीनगर में कल 9 साल में सबसे सर्द रात थी. पारा माइनस 7.8 डिग्री तक लुढ़क गया और सुबह हुई तो डल झील का एक बड़ा हिस्सा जम चुका था. पिछले हफ्ते श्रीनगर समेत कश्मीर घाटी में जबरदस्त बर्फबारी हुई थी. डल झील के आसपास के इलाकों में अब भी बर्फ की परत देखी जा सकती है. इस मौसम में डल झील पहली बार इस हद तक जम गई है. कश्मीर घाटी के दूसरे इलाकों में भी माइनस डिग्री का टॉर्चर जारी है.

Advertisement

दरअसल इस वक्त कश्मीर घाटी उस 40 दिन के सबसे ठंडे दौर से गुजर रही है जिसे चिल्लई कलां के नाम से जाना जाता है. 21 दिसंबर को शुरू हुआ या दौर 13 जनवरी को अपने चरम पर पहुंच गया. इस वजह से ही डल झील जम गई. इसका अंत 31 जनवरी को होगा. 40 दिन के चिल्लई कलां के बाद 20 दिन का अगला ठंडा दौर शुरू होगा जिसे चिल्लई खुर्द कहते हैं. इस दौरान सर्दी का कहर थोड़ा कम होता है. आखिर में 10 दिन का आखिरी दौर आता है जिसे चिल्लई बच कहा जाता है जो कम ठंडा होता है.


 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement