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जम्मू-कश्मीर: रियासी टेरर अटैक में पुलिस को मिली पहली कामयाबी, आतंकियों का मददगार गिरफ्तार

रविवार (9 जून) की शाम को कटरा में माता वैष्णो देवी मंदिर में तीर्थयात्रियों को ले जा रही 53 सीटों वाली बस पर आतंकवादियों ने हमला कर दिया था. इसके बाद बस खाई में गिर गई थी. इसमें एक नाबालिग समेत 9 लोगों की मौत हुई और 41 अन्य घायल हो गए थे. इस मामले में पहली गिरफ्तारी हुई है.

रियासी हमले के बाद पुलिस आतंकियों की तलाश में जुटी है (फाइल फोटो) रियासी हमले के बाद पुलिस आतंकियों की तलाश में जुटी है (फाइल फोटो)
aajtak.in
  • श्रीनगर,
  • 19 जून 2024,
  • अपडेटेड 7:44 PM IST

जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में तीर्थयात्रियों को ले जा रही बस पर हाल ही में हुए आतंकी हमले के मामले में पुलिस को पहली सफलता हाथ लगी है. पुलिस ने आतंकी के सहयोगी को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपी ने ही आतंकियों को कई बार पनाह दी थी और उनके गाइड के रूप में काम किया था. पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है.

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दरअसल, रविवार (9 जून) की शाम को कटरा में माता वैष्णो देवी मंदिर में तीर्थयात्रियों को ले जा रही 53 सीटों वाली बस पर आतंकवादियों ने हमला कर दिया था. इसके बाद बस खाई में गिर गई थी. इसमें एक नाबालिग समेत 9 लोगों की मौत हुई और 41 अन्य घायल हो गए थे. बस में उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली के तीर्थयात्री सवार थे. आतंकी हमले की जांच जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ-साथ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) भी कर रही है.

सहयोगी ने आतंकियों दी थी पनाह: एसएसपी

बुधवार को एसएसपी रियासी मोहिता शर्मा ने बताया, "9 जून को शिवखोड़ी से आ रही तीर्थयात्रियों की बस पर हुए आतंकी हमले से संबंधित मामले में एक बड़ी सफलता हासिल हुई है. इस मामले में एक आतंकी सहयोगी, जिसका नाम हाकम, उम्र 45 वर्ष है. उसको जम्मू-कश्मीर पुलिस ने रियासी से गिरफ्तार किया है. यह व्यक्ति कई बार आतंकियों को पनाह देने में शामिल था. भोजन और आश्रय प्रदान करने के साथ-साथ, उक्त व्यक्ति ने एक गाइड के रूप में भी काम किया और उन्हें घटनास्थल तक पहुंचने में मदद की. गिरफ्तार व्यक्ति एक प्रमुख आतंकवादी सहयोगी है, जिसने हमले को अंजाम देने में आतंकवादियों की मदद की. मामले की आगे की पूछताछ और जांच जारी है."

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पुलिस ने 4 आतंकियों के स्केच किए हैं जारी

बता दें कि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने डोडा जिले में हुए हमले में शामिल 4 आतंकवादियों के स्केच भी जारी किए हैं. साथ ही उनकी गिरफ्तारी के लिए सूचना देने वाले को 20 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है. राजौरी और जम्मू जिलों के सुंदरबनी, नौशेरा, दोमाना, लम्बेरी और अखनूर इलाकों सहित घाटी के कई जिलों को हाईअलर्ट पर रखा गया है, क्योंकि खुफिया एजेंसियों ने सुरक्षाबलों पर आतंकी संगठनों द्वारा और हमलों की चेतावनी दी है. अधिकारियों ने बताया कि खुफिया एजेंसियों ने आतंकवादी संगठनों द्वारा सुरक्षा बलों के शिविरों, प्रतिष्ठानों पर फिदायीन हमले की योजना के बारे में चेतावनी दी है. इसे लेकर ज्यादा सतर्कता बरतने को कहा है.

अचानक से क्यों बढ़ रहे आतंकी हमले? 

जम्मू और कश्मीर में अगले कुछ ही महीनों में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं. इस विधानसभा चुनाव से पहले दहशतगर्द जम्मू-कश्मीर में खौफ फैलाना चाहते हैं. इसलिए आतंकियों ने ताबड़तोड़ हमले को अंजाम दिया है. खुफिया इनपुट के मुताबिक TRF का ऑफशूट हिट स्क्वाड जो फॉल्कन स्क्वाड के नाम से जाना जाता है, वो ऐसे हमलों को अंजाम दे रहा है. आतंकियों के इस गिरोह में विदेशी दहशतगर्द भी शामिल हैं. इसके अलावा हाल के दिनों में जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों की लंबी-लंबी कतारें भी पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के सरगनाओं को खटक रही है. इसलिए ये तत्व घाटी में अमन के माहौल को किसी भी हालत में खत्म करना चाहते हैं.

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खुफिया एजेंसी सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान की शह पर जम्मू कश्मीर में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव की तैयारी को निशाना बनाने की नीयत से ये हमले किये जा रहे हैं. जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव से जुड़े हलचल पर ISI की लगातार नजर है. खबर है कि इन हमलों की साजिश पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में रची गई थी. भारत की खुफिया एजेंसी का मानना है आने वाले दिनों में जम्मू कश्मीर में और खास तौर पर जम्मू में इसी तरीके के आतंकी हमले को अंजाम दिया जा सकता है.

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