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'तूने मुझे बुलाया शेरा वालिये...' जब कटरा पहुंचे फारूक अब्दुल्ला गाने लगे भजन, VIDEO

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि सभी धर्मों की मूल शिक्षाएं एक जैसी हैं और अक्सर लोग अपने स्वार्थ के लिए धर्म का दुरुपयोग करते हैं.

फारूक अब्दुल्ला (तस्वीर: PTI) फारूक अब्दुल्ला (तस्वीर: PTI)
aajtak.in
  • जम्मू,
  • 24 जनवरी 2025,
  • अपडेटेड 7:33 AM IST

जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (JKNC) के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने गुरुवार को 'माता शेरा वाली' को समर्पित एक भजन गाकर लोगों को चौंका दिया. उनके इस भजन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. अब्दुल्ला ने कटरा में रोपवे निर्माण के मुद्दे पर भी बात की और कहा कि माता वैष्णो देवी मंदिर के संचालन के लिए जिम्मेदार लोगों को ऐसे काम करने से बचना चाहिए, जिससे लोगों को परेशानी हो.

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कटरा के एक आश्रम में भजन कार्यक्रम में एक गायक और बच्चों के साथ शामिल होकर अब्दुल्ला ने गाया, "तूने मुझे बुलाया शेरावालिये, मैं आया मैं आया शेरावालिये." 

'सत्ता लोगों के पास...'

फारूक के इस परफॉर्मेंस का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. इस मौके पर बोलते हुए अब्दुल्ला ने रोपवे परियोजना के खिलाफ कटरा के लोगों के विरोध का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि मंदिर का संचालन करने वालों को ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए, जिससे स्थानीय लोगों के हितों को नुकसान पहुंचे या उनके लिए समस्याएं पैदा हों.

फारूक अब्दुल्ला ने शहर के हितों पर विचार किए बिना रोपवे का निर्माण करने के लिए बोर्ड की आलोचना की. उन्होंने कहा, "आपने साहस दिखाया और इसे रोकने के लिए बहादुरी से लड़ाई लड़ी. उन्हें एहसास हो गया है कि सत्ता लोगों के पास है, सरकार के पास नहीं."

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'स्वार्थ के लिए धर्म का दुरुपयोग...'

अब्दुल्ला ने इस बात पर जोर दिया कि लोगों के पास सरकार बनाने या गिराने की शक्ति है और अब अधिकारी उनसे इस बारे में बात करने के लिए संपर्क कर रहे हैं कि रोपवे का निर्माण कहां किया जाना चाहिए. 

उन्होंने कहा, "इन पहाड़ियों में रहने वाले लोग माता के आशीर्वाद से अपनी आजीविका कमाने के लिए यहां आते हैं, लेकिन उन्हें भुला दिया गया है. उन्हें लगता है कि वे ही सबकुछ हैं. वे कुछ भी नहीं हैं. जब ईश्वर की शक्ति प्रबल होती है, तो बाकी सब कुछ फीका पड़ जाता है. कैलिफोर्निया में क्या हो रहा है, इसे ही देख लीजिए."

अब्दुल्ला ने कहा कि सभी धर्मों की मूल शिक्षाएं एक जैसी हैं और अक्सर लोग अपने स्वार्थ के लिए धर्म का दुरुपयोग करते हैं.

 

(गौरव पराशर और एजेंसी के इनपुट के साथ)

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