
जम्मू-कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा ने प्रशासनिक अमले को बेहतर और उनके काम करने की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में काम शुरू कर दिया है. इसी क्रम में उन्होंने आज मौजूदा शिकायत निवारण तंत्र को और अधिक मजबूत और कुशल बनाने के लिए जम्मू-कश्मीर एकीकृत शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली (JK-IGRAMS) का शुभारंभ किया. हालांकि अभी इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर जम्मू, श्रीनगर और रियासी जिले में ही शुरू किया जा रहा है.
जानकारी के मुताबिक नई प्रणाली को पायलट आधार पर शुरू में राज्य के तीन जिलों जम्मू, श्रीनगर और रियासी के लिए शुरू किया जा रहा है और धीरे-धीरे शेष जिलों में 2 अक्टूबर, 2020 तक या उससे पहले शुरू किया जाएगा. यह वर्तमान पोर्टल को बदल देगा, जिसे 2018 में तत्कालीन सरकार द्वारा लॉन्च किया गया था.
इस अवसर पर बोलते हुए, उपराज्यपाल ने कहा कि सरकार जन-केंद्रित सुशासन संरचना को लागू करने के लिए सभी सुधारों के लिए प्रतिबद्ध है. जिसमें एक संस्थागत शिकायत निवारण तंत्र है, जिसे एक अच्छी तरह से संचालित उत्तरदायी के सबसे महत्वपूर्ण घटक के रूप में देखा गया है. यह प्रशासन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की दक्षता और प्रभावशीलता बताने का एक संकेतक है.
इसे लोगों के विश्वास को प्राप्त करने की दिशा में एक कदम के रूप में बताते हुए, उपराज्यपाल ने टिप्पणी की कि एक प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र किसी भी सुशासन प्रणाली की जीवनदायिनी होती है और यह जम्मू-कश्मीर सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि एक आम नागरिक एक सहानुभूतिपूर्ण, विनम्र, उत्तरदायी और सहायक प्रशासनिक सेटअप चाहता है.
संशोधित प्रणाली में शिकायतों के निपटान और निगरानी के लिए जिला कलेक्टरों/उपायुक्तों को प्राथमिक स्तर के रूप में रिसीवर बनाया गया है. इस प्रकार, केंद्र शासित प्रदेश के 20 जिलों में लगभग 1500 सार्वजनिक कार्यालयों की मैपिंग करके मौजूदा पोर्टल को अब जिला स्तर पर नीचे की ओर एकीकृत कर दिया गया है. यह केंद्र सरकार के साथ जुड़ी देश का पहला ऑनलाइन शिकायत प्रबंधन प्रणाली/पोर्टल बन रही है. इसमें सबसे ऊपर जिले हैं फिर तहसील और ब्लॉक स्तर तक भी नीचे रखे गए हैं.
इसके अलावा इस प्रणाली के सुचारू रूप से चलते रहने के लिए इसमें विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिव भी तंत्र से जुड़े हुए हैं. इसके अलावा, नई प्रणाली 24*7 उपलब्ध होगी जो आवेदक के ओटीपी प्रमाणीकरण के साथ काम करेगी. प्रत्येक चरण में आवेदक को पावती, शिकायतकर्ता द्वारा प्रतिक्रिया की व्यवस्था भी दी गई है. इसके साथ ही कॉल सेंटर के जरिए उस शिकायत को लेकर रविवार को छोड़कर सभी दिनों में सुबह 9.30 से पूर्वाह्न 5-30 बजे के बीच फोन कॉल भी की जाएगी.