
जम्मू-कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा ने हाल ही में घाटी में सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखने के निर्देश दिए हैं. राजभवन में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में उन्होंने घाटी के विभिन्न इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के सुरक्षा ऑडिट, रणनीतिक बिंदुओं पर 24 घंटे चौकसी, रात के समय गश्त और क्षेत्रीय प्रभुत्व को सुनिश्चित करने का आदेश दिया.
इस बैठक का आयोजन गांदरबल जिले के गगनगीर इलाके में सुरंग निर्माण में लगे श्रमिकों पर हुए आतंकवादी हमले के संदर्भ में किया गया था. रविवार को हुए इस हमले में सात लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें एक स्थानीय डॉक्टर और छह बाहरी श्रमिक शामिल थे. इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा के छद्म संगठन टीआरएफ ने ली थी.
बैठक में पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात, प्रधान सचिव गृह विभाग चंद्राकर भारती और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून और व्यवस्था) विजय कुमार सहित जम्मू-कश्मीर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया.
एलजी ने जम्मू-कश्मीर पुलिस को महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और निर्माण शिविरों की सुरक्षा के लिए कड़े उपाय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि परियोजना कार्यान्वयन एजेंसियों के साथ नियमित समन्वय बैठकें आयोजित करने के लिए तंत्र विकसित किए जाएं.
सिन्हा ने पुलिस से सुरक्षा ऑडिट, रणनीतिक बिंदुओं पर नाका, रात की गश्त और क्षेत्रीय प्रभुत्व को बढ़ाने के लिए कहा. उनका मानना है कि एक मजबूत सुरक्षा और खुफिया जाल सुनिश्चित करना और सेना व अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ प्लानिंग के तहत संयुक्त अभियान चलाना जरूरी है ताकि आतंकवाद को समाप्त किया जा सके. सिन्हा का कहना है कि पूरा आतंकवादी तंत्र, जिसमें आतंकवादियों को समर्थन और सहारा देने वाले लोग शामिल हैं, उनको पूरी तरह से खत्म करना जरूरी है.
उन्होंने कहा, 'आतंकवादियों को सहायता देने वाले और उन्हें बढ़ावा देने वाले लोगों सहित पूरे आतंकवाद पारिस्थितिकी तंत्र को पूरी तरह से नष्ट करने की जरूरत है.'