
जम्मू-कश्मीर में 14 अक्टूबर को शपथग्रहण समारोह होगा. उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को राजभवन में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने सरकार बनाने का दावा पेश किया. उमर ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला का पत्र एलजी को सौंपा, जिसमें कहा गया है कि उमर अब्दुल्ला को जम्मू-कश्मीर के विधायक दल का नेता चुना गया है. कांग्रेस, सीपीआई (एम), आप और निर्दलीय सदस्यों के समर्थन पत्र भी उपराज्यपाल को सौंपे गए.
इससे पहले नवनिर्वाचित कांग्रेस विधायकों की विधायक दल की बैठक शुक्रवार को हुई, इस दौरान जम्मू-कश्मीर विधानसभा में अपना नेता चुनने पर विचार किया गया. कांग्रेस के एक नेता ने बताया कि कांग्रेस पार्टी के 6 नवनिर्वाचित नेताओं की बैठक एमए रोड स्थित पार्टी मुख्यालय में हुई. नवनिर्वाचित कांग्रेस विधायकों में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा, महासचिव गुलाम अहमद मीर, निजामुद्दीन भट, पीरजादा मोहम्मद सईद, इरफान हफीज लोन और इफ्तिखार अहमद शामिल हुए. अहमद जम्मू क्षेत्र से चुने गए हैं, जबकि बाकी कश्मीर घाटी से चुने गए हैं. बैठक के बाद कांग्रेस ने अपने गठबंधन सहयोगी नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) को समर्थन पत्र सौंपा.
पीटीआई के मुताबिक उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार को नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों को उन्हें अपना नेता चुनने के लिए धन्यवाद दिया. विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद अब्दुल्ला ने कहा था कि आप फैसले से अवगत हैं, एनसी विधायक दल ने अपना नेता तय कर लिया है और मैं एनसी विधायकों का तहे दिल से शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने मुझ पर भरोसा जताया और मुझे सरकार बनाने का दावा करने का मौका दिया. उन्होंने कहा कि सात में से चार निर्दलीय विधायकों ने एनसी को समर्थन दिया है, जिससे पार्टी के विधायकों की संख्या 46 हो गई है.
हाल ही में हुए जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस 42 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. एनसी को 95 सदस्यीय विधानसभा में पूर्ण बहुमत प्राप्त है. नेशनल कॉन्फ्रेंस की गठबंधन सहयोगी कांग्रेस और सीपीआई (एम) ने क्रमशः 6 और 1 सीट जीती है.