
जम्मू-कश्मीर के पीर पंजाल इलाके में आतंकवादियों से निपटने के लिए भारतीय सेना ऑपरेशन सर्वशक्ति शुरू करने जा रही है. इसके तहत पीर पंजाल रेंज के दोनों किनारों पर सेना का ऑपरेशन शुरू किया जाएगा, जिसमें 15 कोर और 16 कोर दोनों सेना मुख्यालय और उत्तरी कमान की कड़ी निगरानी में आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.
सूत्रों ने इंडिया टुडे को बताया कि गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा को लेकर समीक्षा बैठक की थी. उन्होंने कहा कि भारतीय सेना और राज्य एजेंसियां खुफिया एजेंसियों के साथ पाकिस्तानी मंसूबों को विफल करने के लिए एक-दूसरे के साथ निकट समन्वय में सक्रिय रूप से काम करेंगी.
जनरल मनोज पांडे ने कहा कि राजौरी-पुंछ क्षेत्र में पिछले साल आतंकवादी गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी गई और वहां सक्रिय प्रॉक्सी तंजीमों (आतंकवादी समूहों) को नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार से समर्थन मिलता रहा है, जहां आतंकवादियों के लिए समर्थन बुनियादी ढांचा बरकरार है.
सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने 15 जनवरी को सेना दिवस से पहले अपनी पारंपरिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा, "मैं इसमें नहीं पड़ूंगा कि क्या गलत हुआ है, बल्कि मैं कहूंगा कि हम क्या कर रहे हैं." उन्होंने कहा कि सेना, पुलिस और अन्य एजेंसियों के साथ बेहतर तालमेल के लिए आईटी का उपयोग भी कर रही है.
21 दिसंबर को सेना की गाड़ी पर किया था हमला
आतंकियों ने 21 दिसंबर को डेरा की गली और बुल्फियाज के बीच धत्यार मोड़ पर सुनियोजित तरीके से हमला किया था क्योंकि अंधा मोड़ और ऊबड़-खाबड़ सड़क के कारण इस जगह पर वाहनों की गति धीमी हो जाती है. धत्यार मोड़ पर जब सेना की गाड़ियों की रफ्तार धीमी हुईं तो आतंकियों ने अचानक उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की, लेकिन आतंकवादी उस स्थान से भागने में सफल रहे. शहीद सेना के जवानों के हथियार गायब हैं और ऐसी आशंका है कि आतंकी शहीद जवानों के हथियार छीनकर भाग गए होंगे.