
जम्मू-कश्मीर में सीमा पर भारतीय सेना ने एक बार फिर पाकिस्तान की कोशिशों को नाकाम किया है. उरी सेक्टर में पाकिस्तान से आए आतंकियों ने घुसपैठ की कोशिश की है. भारतीय सेना ने इसे नाकाम कर दिया है और एक आतंकी को जिंदा भी पकड़ा है.
यहां उरी सेक्टर में पाकिस्तान की ओर से लगातार घुसपैठ की कोशिश की जा रही थी, ऐसी कोशिश करने वाले कई आतंकियों को सेना ने मार गिराया है. भारतीय सेना ने पिछले सात दिनों में घुसपैठ की कोशिश कर रहे सात आतंकियों को मार गिराया है.
सेना ने बताई उरी ऑपरेशन की कहानी...
मेजर जनरल विरेंद्र वत्स ने मंगलवार को उरी में हुए ऑपरेशन को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की. विरेंद्र वत्स के मुताबिक, 18 सितंबर को पैट्रोलिंग के वक्त घुसपैठ की जानकारी मिली थी उसी के बाद वहां पर गोलीबारी हुई थी. 6 लोगों के ग्रुप में कुछ को वापस भेज गिया गया था.
विरेंद्र वत्स के मुताबिक, 26 सितंबर को एक आतंकी मारा गया था और दूसरे ने अपनी जान की भीख मांगी थी. इसी के बाद उसे कस्टडी में लिया गया था, उससे पूछताछ की गई थी. उरी में जो आतंकवादी पकड़ा गया है, उसका नाम अली बाबर है जो पाकिस्तान के पंजाब का रहने वाला है. आतंकी ने खुद को लश्कर का बताया है.
सेना के अफसरों के मुताबिक, जिंदा पकड़े गए आतंकी ने अपनी मां का नंबर दिया, उसे सिर्फ यहां पर हथियार सप्लाई करने आने थे. ये घुसपैठ सलामाबाद नाले से की गई थी, जहां से 2016 के उरी हमले के लिए आतंकी आए थे. जिस आतंकी को जिंदा पकड़ा गया है, उसे मीडिया के सामने भी पेश किया जाएगा.
23 तारीख से जारी था ऑपरेशन
सेना के मुताबिक, 18 सितंबर से ही उरी सेक्टर में लगातार घुसपैठ की कोशिश हो रही थी. 23 सितंबर को ही तीन आतंकियों को ढेर किया गया था, इनके साथ रहे दो आतंकी तब यहां से बच निकले थे.
सेना द्वारा इन दो की तलाश तभी से चल रही थी, जिनमें से अब एक मर चुका है और एक को जिंदा पकड़ा गया है. यहां चली लंबी मुठभेड़ में सेना के कुछ जवानों को चोट भी पहुंची है.
भारतीय सेना के अफसरों द्वारा जानकारी दी गई है कि पाकिस्तान द्वारा जम्मू-कश्मीर की शांति बिगाड़ने को लेकर ऐसा किया जा रहा है. पाकिस्तानी सेना लगातार पिछले कुछ वक्त से ऐसी कोशिशों में जुटी है.
'बौखला गया है पाकिस्तान'
23 सितंबर के बाद से ही भारतीय सेना अलग-अलग ऑपरेशन चला रही है और आतंकियों को मार रही है. सेना का कहना है कि आतंकियों के कैंप पिछले कुछ वक्त से भरे हुए थे, लेकिन एक महीने के भीतर अब घुसपैठ बढ़ना स्टार्ट हुई है.
चिनार कॉर्प्स के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे का कहना है कि तमाम कोशिशों के बाद भी कोई आतंकी भारत में घुस नहीं पाया है. पाकिस्तान इस वक्त बौखलाया हुआ है, क्योंकि अब कश्मीर में पत्थरबाजी नहीं हो रही है और ना ही युवा उनके साथ जा रहे हैं.