
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह सुरेश भैयाजी जोशी ने राष्ट्रव्यापी अभियान के अंतर्गत जम्मू-कश्मीर प्रांत में राम जन्म भूमि मंदिर निर्माण निधि समर्पण व संपर्क अभियान का शुभारंभ किया. उन्होंने इस अभियान का शुभारंभ जम्मू शहर के गांधीनगर में स्थित वाल्मीकि मोहल्ले में जाकर मंदिर निर्माण के लिए निधि समर्पण हेतु संपर्क करके किया.
इसके बाद भैयाजी जोशी ने डिगियाना स्थित श्री संत मेला सिंह जी दस्तकारी आश्रम के महंत मंजीत सिंह से भी भेंट कर इस अभियान के लिए संपर्क कर मंदिर निर्माण के लिए सहयोग राशि ली. जम्मू-कश्मीर प्रांत में यह अभियान मकर संक्रांति यानि 14 जनवरी से लेकर माघ पूर्णिमा, 27 फरवरी तक चलेगा.
भैया जी जोशी ने इस मौके पर कहा कि यह धन संग्रह नहीं, बल्कि समर्पण का कार्यक्रम है और समाज अपनी श्रद्धा एवं इच्छा से जो सहयोग करेगा वह सब स्वीकार्य है. उन्होंने कहा कि राम मंदिर भव्य बनेगा और भगवान के लिए समाज अपनी सामर्थ्य के अनुसार स्वयं प्रेरणा से सहयोग करेगा. उन्होंने यह भी कहा कि राम जन्मभूमि की प्रत्येक कारसेवा में जम्मू-कश्मीर के लोगों की अविस्मरणीय भूमिका रही है. सर्वोच्च न्यायालय के सर्मसम्मत निर्णय और प्रभु राम की इच्छा अनुसार अयोध्या में भव्य मंदिर का निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया है.
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इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए सिख समाज के बंधुओं ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया था. 30 नवंबर 1858 को दर्ज एक एफआईआर की रिपोर्ट में लिखा है, "निहंग सिख, विवादास्पद ढांचे में घुस गए थे और राम नाम के साथ वहां हवन किया. निहंग सिखों ने वहां न सिर्फ हवन और पूजा की बल्कि उस परिसर के भीतर श्रीराम का प्रतीक भी बनाया. उस समय उनके साथ 25 और सिख थे, जिन्होंने वहां धार्मिक झंडे उठाए और उसकी दीवारों पर चारकोल के साथ 'राम-राम' लिखा था."
इस अवसर पर राम जन्म भूमि मंदिर निर्माण निधि समर्पण व संपर्क अभियान के पालक ब्रिगेडियर सुचेत सिंह, अभियान के प्रांत प्रमुख अभिषेक गुप्ता, महानगर संयोजक शक्ति दत्त और सनातन धर्म सभा के अध्यक्ष पुरुषोत्तम दधीचि भी उपस्थित रहे.