
जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के बयान की जम्मू कश्मीर के बीजेपी अध्यक्ष रविंद्र रैना ने कड़ी आलोचना की है. उन्होंने कहा, जब आप सत्ता में रहेंगे, जब आपके पास सारी सुख-सुविधाएं रहेगी तो आप भारत माता की जयकार और वंदे मातरम कहेंगे. जब जम्मू कश्मीर की जनता आप को सत्ता से बाहर निकाल देगी तो आप यासीन मलिक और सैयद सलाउद्दीन को याद करेंगे. यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है.
'सलाउद्दीन ने कश्मीरियों को बर्बाद किया'
रविंद्र रैना ने कहा, अब आपको यासीन मलिक और सैयद सलाउद्दीन की याद आने लगी. यह निंदनीय है. यासीन मलिक और सलाउद्दीन ने कश्मीरियों को बर्बाद किया है. जम्मू कश्मीर में जो कब्रिस्तान बने हैं, यासीन मलिक जैसे लोगों ने बनाए हैं. ऐसे लोगों को याद कर रही हैं. यह बहुत ही दुखदाई है.
रविंद्र रैना ने कहा, हम जोड़ने वाले लोग हैं, तोड़ने वाले लोग नहीं है. हमें जोड़ तोड़ से सत्ता में आना होता तो गठबंधन टूटने के 10-15 दिनों के अंदर वापस सरकार बना लेते. हमारे संपर्क में अगर कोई है तो वो जम्मू कश्मीर की जनता है.
रैना ने कहा, आंतकवादियों और पत्थरबाजों ने रमजान के महीने में कश्मीर के श्रीनगर में तांडव किया. वहां बेगुनाह लोगों का कत्ल किया गया, पत्रकारों की हत्या हुई. कानून व्यवस्था वहां चरमरा रही थी. राज्यपाल शासन लगते ही स्थितियां ठीक होने लगी हैं.
जम्मू कश्मीर के खराब हालात को कंट्रोल नहीं कर पाईं महबूबा
रविंद्र रैना का कहना है कि महबूबा मुफ्ती जम्मू कश्मीर के खराब हालात को कंट्रोल नहीं कर पाईं. केंद्र सरकार ने विकास के लिए जो पैकेज दिए उसे भी जम्मू कश्मीर की जनता की भलाई के लिए नहीं लगाया. पत्थरबाजों के हौसले बुलंद थे. आतंकियों के हौसले बुलंद थे. क्योंकि उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई. यह सोचते हैं कि कश्मीर के लोगों को बेवकूफ बना देंगे. यह उनकी गलतफहमी है. कश्मीर में एक लाख से ज्यादा लोगों की जानें गई हैं, इसके लिए कौन जिम्मेवार है.
रैना ने कहा, वो कश्मीर की मुख्यमंत्री रहीं और ऐसी गैर जिम्मेदाराना बातें कर रही हैं. जिन्होंने पाकिस्तान से बंदूक और गोला बारूद लेकर हमारे बच्चों, महिलाओं, नौजवानों का कत्ल किया. जिन्होंने कश्मीर की आर्थिक स्थिति बर्बाद की. तमाम लोगों को बर्बाद किया. हमारे बच्चों के स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय बंद करवाए. स्कूल जाते बच्चों का अपहरण करवाया. इसको कश्मीर की जनता कभी माफ नहीं करेगी.
जम्मू कश्मीर के हालात ठीक करना प्राथमिकता
जोड़-तोड़ की सरकार बनाने के बयान पर रविंद्र रैना ने कहा, अगर हमें सत्ता का इतना लालच होता तो हम गठबंधन से क्यों बाहर आते? हम इसलिए नहीं निकले हैं कि हमें जोड़-तोड़ करके राजनीति की गोटियां फिट करनी थी. यहां कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी. ऐसे में हम सत्ता से चिपक कर सत्ता सुख नहीं भोग सकते थे. फिलहाल सरकार बनाने का कोई इरादा नहीं है. जम्मू कश्मीर के हालात ठीक करना हमारी प्राथमिकता है. कानून व्यवस्था ठीक करना हमारी प्राथमिकता है.
रविंद्र रैना ने कहा, अब राज्यपाल का शासन लगते ही सारे काम ठीक होने लगे हैं. पत्थरबाज आपको नजर नहीं आएंगे. आज आतंकवादी जंगलों में छिप गए हैं. सीमा पर घुसपैठ करते ही मारे जाते हैं. हम जम्मू कश्मीर के हालात ठीक करना चाहते हैं. ताकि जम्मू कश्मीर के लोग अन्य प्रांतों की तरह सुख चैन की सांस ले सके. इज्जत के साथ अपनी जिंदगी गुजर बसर कर सकें. जम्मू कश्मीर के 99% लोग हिंदुस्तान की बात करते हैं. 1% लोग हैं जो पाकिस्तान से पैसे लेकर उनके इशारों पर काम करते हैं. कश्मीर की जनता इनको छोड़ेंगी नहीं.
बता दें, जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने केंद्र की मोदी सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि राज्य में बीजेपी ने पीडीपी को तोड़ने की कोशिश की तो कश्मीर में कई और सलाउद्दीन पैदा होंगे और राज्य के हालत 90 के दशक जैसे हो जाएंगे.