
जम्मू-कश्मीर के कठुआ में एक बच्ची ने भी सोशल मीडिया के जरिए सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद मांगी. उसने वीडियो जारी कर अपनी स्कूल की खराब और जर्जर इमारत से जुड़ी परेशानी शेयर की थी. बच्ची ने कहा था,'मोदी जी मेरी बात भी तो सुन लीजिए.' बच्ची का वीडियो वायरल होने के बाद अब स्कूल की मरम्मत का काम शुरू हो गया है. सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो जम्मू कश्मीर के कठुआ के लोहिया मल्हार गांव का है. वीडियो बनाने वाली छात्रा का नाम सीरत नाज है.
वीडियो बनाते समय बच्ची ने कहा था,'पीएम मोदीजी मुझे आपसे एक बात कहनी है. मैं यहां जम्मू में सरकारी स्कूल में पढ़ती हूं, जिसकी हालत बहुत खराब है. इसके बाद वह कैमरा घुमा कर अपना स्कूल दिखाती है. वह कहती है ये सामने प्रिंसिपल रूम और स्टाफ रूम है और देखिए ये फर्श कितना गंदा और खराब है. हमें यहीं बैठाकर पढ़ाया जाता है.'
स्कूल शिक्षा निदेशक ने किया दौरा
बच्ची का वीडियो वायरल होने के बाद जम्मू के स्कूल शिक्षा निदेशक रविशंकर शर्मा ने स्कूल का निरीक्षण किया. इसके बाद ही स्कूल में निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया. बताया जा रहा है कि स्कूल को अपग्रेड करने के लिए 91 लाख रुपए की परियोजना स्वीकृत की गई थी, लेकिन प्रशासनिक स्वीकृति से संबंधित कुछ मुद्दों के कारण काम रुका हुआ था. शर्मा ने स्कूल का दौरा करने के बाद कहा कि समस्या को सुलझा लिया गया है.
शर्मा ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के दूर-दराज हिस्सों में सैकड़ों स्कूल चल रहे हैं. सरकार ने इन सभी स्कूलों में उचित और आधुनिक सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए पहले ही एक विस्तृत परियोजना तैयार कर ली है. उन्होंने कहा, 'हमने जम्मू प्रांत के सभी जिलों में 1,000 नए किंडरगार्टन का निर्माण भी शुरू कर दिया है और अगले तीन से चार वर्षों में हम 10 जिलों (जम्मू प्रांत में) में से प्रत्येक में 250 किंडरगार्टन का निर्माण सुनिश्चित करने में सक्षम होंगे.'
वीडियो में दिखाया था पूरा स्कूल
वायरल वीडियो में बच्ची ने कहा था,'मैं आपको स्कूल की बड़ी सी बिल्डिंग दिखाती हूं. कैमरा घुमाकर उसने दिखाया था कि स्कूल में निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है. सीरत ने आगे कहा था कि ये देखिए पिछले 5 सालों से कितनी गंदी बिल्डिंग है यहां पर, चलिए मैं अंदर से दिखाती हूं. इसके बाद वह एक गंदा फर्श दिखाती है और कहती है- हम इसी पर बैठकर पढ़ते हैं.'
नीचे बैठने में गंदी हो जाती है यूनिफॉर्म
सीरत ने आगे मासूमियत से कहा था,'मैं आपसे रिक्वेस्ट करती हूं कि आप हमारा अच्छा सा स्कूल बना दीजिए. हमें नीचे बैठना पड़ता है तो हमारी यूनिफॉर्म गंदी हो जाती है और मां हमें मारती है. हमारे पास कोई बेंच नहीं है.' इसके बाद वह सीढ़ी चढ़कर स्कूल का गलियारा दिखाती है जो उसी तरह काफी गंदा है. इसके बाद वह स्कूल के टॉयलेट की ओर बढ़ती है और कहती है देखिए हमारा टॉयलेट कितना गंदा है, हमें यहां नाले में जाना पड़ता है.