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एनकाउंटर में लश्कर कमांडर हैदर ढेर, 2015 से कर रहा था आतंकियों की भर्ती

हैदर पीओके का रहने वाला था. वह घाटी में 2015 के बाद से सक्रिय था और आतंक का मुख्य चेहरा बन चुका था. वह युवाओं को आतंकी संगठन में भर्ती कराने के काम में लगा हुआ था.

लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी हैदर (फाइल फोटो) लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी हैदर (फाइल फोटो)
कमलजीत संधू
  • नई दिल्ली,
  • 03 मई 2020,
  • अपडेटेड 10:10 PM IST

  • 2015 से कश्मीर घाटी में सक्रिय था हैदर
  • युवाओं को आतंकी संगठन में करता था भर्ती

जम्मू-कश्मीर में रविवार को उस समय सेना को बड़ी कामयाबी हाथ लगी, जब एक एनकाउंटर में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी हैदर को मार गिराया गया. कश्मीर के हंदवाड़ा के राजवार इलाके में सेना और आतंकियों के बीच हुए एनकाउंटर में दो विदेशी आतंकी मार गिराए गए हैं. इनमें से एक की पहचान लश्कर कमांडर हैदर के रूप में हुई है.

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हालांकि इस ऑपरेशन में सेना के दो बड़े अफसर समेत पांच जवान भी शहीद हो गए हैं. शहीदों में एक कर्नल, एक मेजर, दो सेना के जवान और एक जम्मू-कश्मीर पुलिस के सब-इंस्पेक्टर शामिल हैं. लेकिन सुरक्षा बलों के जवानों ने शहीदों के बलिदान को जाया नहीं जाने दिया और लश्कर कमांडर हैदर को ढेर कर दिया.

बताया जा रहा है कि हैदर पीओके का रहने वाला था. जम्मू कश्मीर पुलिस के आईजी विजय कुमार ने इंडिया टुडे को बताया, 'हंदवाड़ा मुठभेड़ में मारे गए लश्कर के घाटी प्रमुख कमांडर की पहचान हैदर के रूप में हुई है. सूचना मिली थी कि वह घुसपैठियों के नए जत्थे को छुड़ाने के लिए हंदवाड़ा में था, लेकिन उसे खत्म कर दिया गया.'

हैदर कश्मीर घाटी में 2015 के बाद से सक्रिय था और घाटी में आतंक का मुख्य चेहरा बन चुका था. वह युवाओं को आतंकी संगठन में भर्ती कराने के काम में लगा हुआ था. नए आंतकी संगठन (TRF) के रेसिस्टेंस फ्रंट ने हंदवाड़ा एनकाउंटर की जिम्मेदारी ली है. TRF को लश्कर का ही एक हिस्सा माना जाता है. लेकिन आईजी विजय कुमार ने इसे खारिज किया है.

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घने जंगलों वाला इलाका है हंदवाड़ा

असल में, यह इलाका घने जंगलों वाला है इसलिए आए दिन यहां पर घुसपैठ की घटना होती रहती है. शुक्रवार को सेना को जानकारी मिली थी कि यहां एक घर में कुछ आतंकी छिपे हैं, जिसके बाद सेना ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया था.

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इस दौरान ही सुरक्षाकर्मियों और आतंकियों के बीच भीषण मुठभेड़ शुरू हो गई. इस ऑपरेशन में 21-राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल आशुतोष शर्मा भी थे, जिनसे शनिवार शाम को ही संपर्क टूट गया था.

रविवार सुबह मुठभेड़ वाले इलाके में सर्च किया गया जहां सात शव मिले. इनमें से दो आतंकी हैं जबकि पांच सेना के जवान. इसमें एक कर्नल, मेजर, सेना के दो जवान और पुलिसकर्मी शामिल थे.

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