
जम्मू-कश्मीर में पुलिस हिरासत में एक शख्स की मौत के बाद पुलवामा पुलिस अब सवालों के घेरे में है. इम्तियाज अहमद पल्ला नामक एक शख्स की कुछ दिनों पहले पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी. दो बेटियों समेत तीन बच्चों के पिता इम्तियाज पेशे से मैकेनिक थे. पुलिस के मुताबिक उसे नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.
परिवार ने पुलिस पर लगाए आरोप
हिरासत में इम्तियाज की हालत बिगड़ गई और उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इस जानकारी पर मृतक के परिवार ने सवाल उठाए हैं. उनका दावा है कि पुलिस ने पहले इम्तियाज को उठाया और फिर टॉर्चर करके उसे मार डाला. उन्होंने घटना की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच और सरकार से न्याय की मांग की है.
पुलिस सूत्रों का कहना है कि उन्होंने घटना की आंतरिक जांच शुरू कर दी है जबकि प्रशासन ने भी मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं. अगर कोई दोषी पाया गया या कोई गड़बड़ी साबित हुई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी.
मजिस्ट्रेट जांच के आदेश
अधिकारियों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में इस हफ्ते की शुरुआत में पुलिस हिरासत में एक युवक की मौत के मामले में अधिकारियों ने बुधवार को मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए. अधिकारियों ने बताया कि सोमवार रात पुलिस हिरासत में इम्तियाज अहमद पाला की मौत के बाद सीआरपीसी की धारा 176 के तहत मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिया गया है.
महबूबा मुफ्ती ने की निष्पक्ष जांच की मांग
हालांकि पुलिस ने पाला की मौत के कारणों पर कोई टिप्पणी नहीं की है लेकिन मृतक के परिवार ने आरोप लगाया कि हिरासत में यातना के कारण उसकी मौत हो गई. मंगलवार को शव का पोस्टमॉर्टम किया गया और उसे अंतिम संस्कार के लिए परिवार को सौंप दिया गया. पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने हिरासत में मौत की निष्पक्ष जांच की मांग की है.