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सांसद इंजीनियर राशिद को हिरासत में रहते हुए संसद सत्र में जाने की अनुमति, दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला

कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए आवामी इतिहाद पार्टी (AIP) के मुख्य प्रवक्ता इनाम उन नबी ने कहा कि हम लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ खड़े रहने और यह सुनिश्चित करने के लिए माननीय न्यायपालिका के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं कि इंजीनियर राशिद सभी बाधाओं के बावजूद संसद में अपने लोगों का प्रतिनिधित्व करने में सक्षम होंगे.

सांसद इंजीनियर राशिद (फाइल फोटो- PTI) सांसद इंजीनियर राशिद (फाइल फोटो- PTI)
अशरफ वानी
  • श्रीनगर,
  • 26 मार्च 2025,
  • अपडेटेड 4:17 PM IST

दिल्ली हाईकोर्ट ने आतंकी फंडिंग केस में गिरफ्तार जम्मू-कश्मीर के सांसद इंजीनियर राशिद को हिरासत में रहते हुए 18वीं लोकसभा के चौथे सत्र (26 मार्च - 4 अप्रैल 2025) के दूसरे चऱण में शामिल होने की अनुमति दे दी है.ये फैसला सुनिश्चित करता है कि उत्तरी कश्मीर के लोगों के लोकतांत्रिक जनादेश को बरकरार रखा जाए और उनके निर्वाचित प्रतिनिधि महत्वपूर्ण संसदीय कार्यवाही में भाग ले सकें.

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कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए आवामी इतिहाद पार्टी (AIP) के मुख्य प्रवक्ता इनाम उन नबी ने कहा कि हम लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ खड़े रहने और यह सुनिश्चित करने के लिए माननीय न्यायपालिका के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं कि इंजीनियर राशिद सभी बाधाओं के बावजूद संसद में अपने लोगों का प्रतिनिधित्व करने में सक्षम होंगे. यह लोकतंत्र और न्याय के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय है. उन्होंने कहा कि हम अपने कानूनी दल, वरिष्ठ अधिवक्ता एन. हरिहरन और अधिवक्ता विख्यात ओबेरॉय का भी आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने इस आदेश को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई

पुलिस सुरक्षा में संसद पहुंचेंगे राशिद
कोर्ट के आदेश के अनुसार, इंजीनियर राशिद को पुलिस सुरक्षा में जेल से संसद लाया जाएगा और सत्र समाप्त होने के बाद उन्हें दोबारा हिरासत में ले जाया जाएगा. संसद में रहते हुए, वह एक सांसद के रूप में अपने कर्तव्यों का पालन करने में सक्षम होंगे, लेकिन मीडिया से बातचीत और संचार तक उनकी पहुंच पर प्रतिबंध रहेगा.

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AIP के प्रवक्ता इनाम उन नबी ने कहा कि इस फैसले को लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व की जीत के रूप में देखा जा रहा है, ये सुनिश्चित करता है कि उत्तर कश्मीर के लोग देश के सर्वोच्च विधायी निकाय में अपनी आवाज़ से वंचित न हों.

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