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सांबा में फिर मिला टेरर टनल, बॉर्डर पर पाकिस्तान की साजिश की खुली पोल

जम्मू-कश्मीर के सांबा में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सीमा सुरक्षा बल ने एक और खुफिया सुरंग का पता लगाया है. ये सुरंग जम्मू डिवीजन में सांबा जिले में पाकिस्तान से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा पर मौजूद है. पाकिस्तान की ओर से इस सुरंग का इस्तेमाल किया जाता था. मौके पर बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी पहुंच गए हैं.

जम्मू स्थित सांबा बॉर्डर (फोटो- पीटीआई) जम्मू स्थित सांबा बॉर्डर (फोटो- पीटीआई)
सुनील जी भट्ट
  • सांबा,
  • 13 जनवरी 2021,
  • अपडेटेड 3:29 PM IST
  • सांबा में मिली आतंक की सुरंग
  • घुसपैठ के लिए इस्तेमाल की आशंका
  • सुरंग का इस्तेमाल करता आया है पाक

जम्मू-कश्मीर के सांबा में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सीमा सुरक्षा बल ने एक और खुफिया सुरंग का पता लगाया है. ये सुरंग जम्मू डिवीजन में सांबा जिले में पाकिस्तान से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा पर मौजूद है. पाकिस्तान की ओर से इस सुरंग का इस्तेमाल किया जाता था. मौके पर बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी पहुंच गए हैं. 

बीएसएफ को शक है कि इस टनल का इस्तेमाल पाकिस्तान भारत में आतंकवादियों को भारत में भेजने के लिए करता था. बीएसएफ अब ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये सुरंग कितनी लंबी है और क्या इससे घुसपैठ हुई है. दरअसल सांबा हो या कठुआ यहां लंबी घास पाई जाती है. इस इस्तेमाल आतंकी छुपने के लिए और सुरंग बनाने के लिए करते हैं.

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बीएसएफ सांबा में विशेष मशीनों की सहायता से इन घासों को कटवा रही है. बता दें कि जमीन पर कटीली तारों की बाड़ेबंदी की वजह से आतंकियों की घुसपैठ लगभग नामुमकिन हो गई है. इसलिए आतंकी अब सुरंग का सहारा ले रहे हैं. इस कोशिश में आतंकियों को पाकिस्तान की सेना का भी साथ मिल रहा है.

सांबा में तलाशी लेते सेना के जवान (फोटो- आजतक)

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पिछले साल अगस्त में सांबा के सीमावर्ती गांव बैन ग्लाड की सीमा पर भी एक सुरंग मिली थी. बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) ने जेसीबी मशीन से खुदाई कर इस सुरंग का पता लगाया था. ये सुरंग भारत की सीमा में 50 मीटर तक अंदर था. इस सुरंग में पाकिस्तान में निर्मित बोरियां थी. इस बोरियों में बालू भरा हुआ था. इन बोरियों की मदद से सुरंग के मुहाने को बंद कर दिया गया था. ताकि पता न चल सके. दरअसल इस इलाके में घांस की लंबी लंबी किस्में पाई जाती है. ये घांस इतनी लंबी होती है कि इनमें आसानी से छिपा जा सकता है.

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