
आयकर विभाग ने श्रीनगर के एक ग्रुप के तीन लोगों के यहां गुरुवार को छापेमारी और जब्ती की कार्रवाई की. 15 आवासीय और कारोबारी ठिकानों पर छापेमारी की गई, जिसमें 14 श्रीनगर और एक दिल्ली में शामिल है.
यह ग्रुप श्रीनगर में कई कारोबार करता है. मसलन रियल एस्टेट, कंस्ट्रक्शन, होटल उद्योग, हस्तशिल्प, कालीन उद्योग, वाणिज्यिक और आवासीय परिसरों का निर्माण और किराये पर देने संबंधित आदि काम-धंधा शामिल है.
सर्च अभियान के दौरान बेहिसाब नकदी की जब्ती की गई. बताया जा रहा है कि छापेमारी के दौरान 1.82 करोड़ की नकदी और 74 लाख रुपये की कीमत की ज्वैलरी जब्त की गई. इस दौरान कुल अघोषित निवेश और 105 करोड़ रुपये के नकद लेनदेन का पता चला.
आयकर विभाग की तरफ से जारी बयान के मुताबिक इस ग्रुप के पास श्रीनगर में 75000 वर्ग फीट का एक मॉल है. हालांकि संबंधित आयकर रिटर्न दाखिल नहीं किया गया है. इसके लिए जम्मू-कश्मीर राज्य भूमि (व्यवसायियों के स्वामित्व का अधिकार), 2001 जिसे रोशनी अधिनियम के रूप में जाना जाता है, के तहत राज्य सरकार कौड़ी के भाव जमीन ली गई थी.
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सर्च अभियान के दौरान इस मॉल से जुड़े 25 करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश का पता चला जिसका कोई हिसाब किताब नहीं है. इस ग्रुप ने श्रीनगर में 6 रेसिडेंशियल टॉवर भी बनाए हैं. इनमें दो टॉवर्स में करीब 50 फ्लैट्स हैं जिनका निर्माण पूरा हो चुका है जबकि बाकी का निर्माण कार्य जारी है. इससे जुड़ा हुआ भी इनकम टैक्स रिटर्स अभी फाइल नहीं किया गया है. प्रथम दृष्टया इसमें 20 करोड़ रुपये के निवेश को लेकर कोई जानकारी नहीं है.