
झारखंड (jharkhand) से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे अपने बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहते हैं. वे दावा करते हैं कि उनका राजनीतिक Vision बेहतर है, लिहाजा उन्हें पहले ही पता चल जाता है कि आगे क्या होने वाला है. इसके पहले भी ED रेड को लेकर वे बयान देकर सुर्खियों में रहे थे. हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी को लेकर भी वे बयान देते रहे हैं.
अब इस बार उन्होंने एक ट्वीट करके सियासी गलियारे में हलचल मचा दी है. उन्होंने राज्य के सीएम को आगाह किया है कि आप होशियार रहें. अगले 7 दिन आपकी सरकार के लिए महत्वपूर्ण हैं. कल्पना भाभी उप चुनाव जीतकर आ गई हैं.
जाहिर है कि निशिकांत का इशारा सत्ता परिवर्तन को लेकर है. जब Hemant Soren की गिरफ्तारी 31 जनवरी को हुई थी और सत्ता परिवर्तन हुआ था, तब कल्पना सोरेन का नाम तो चला था, लेकिन चूंकि वे विधायक नहीं थीं तो किसी तरह की कोई तकनीकी समस्या न हो, इसके लिए कल्पना की बजाय सत्ता की चाबी सोरेन परिवार के करीबी चंपई सोरेन को दी गई थी.
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दरअसल, हेमंत सोरेन पर जिस तरह से ED का शिकंजा कसता जा रहा था, उस समय सत्ता कल्पना सोरेन के हाथों में ट्रांसफर करने की योजना तो बनी थी. इसके बाद एक सेफ सीट की तलाश की गई, गिरिडीह में गांडेय सीट है. वहां के उस समय के JMM विधायक सरफराज अहमद ने इस्तीफा दिया. यह सीट December के आखिर में खाली हुई, लेकिन विवाद भी पैदा हुआ कि क्या इलेक्शन कमीशन चुनाव कराएगा.
चूंकि विधानसभा का गठन होने के बाद 4 साल से ज्यादा का समय बीत चुका था. इसलिए सेफ Play करने के मकसद से चंपई के हाथों में सत्ता सौंपी गई. सरफराज अहमद को राज्यसभा में JMM ने एडजस्ट भी करवा दिया. हालांकि ECI ने गांडेय सीट पर उपचुनाव करवाया और अब कल्पना सोरेन जीत चुकी हैं. लिहाजा चर्चा जोरों पर है कि एक और सत्ता परिवर्तन झारखंड में देखने को मिल सकता है.