
कोरोना काल में भीड़ का जमा होना अक्सर कोविड विस्फोट का कारण बनता है. शहरों में फिर भी लोग सोशल डिस्टेंसिंग और कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हैं, लेकिन ग्रामीण इलाकों के शादी समारोहों में आए दिन नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं. झारखंड के लोहरदगा जिले में कोविड से मरने वालों की संख्या 75 तक जा पहुंची, 6,000 से ज्यादा लोग संक्रमित हैं लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में लोग कोविड-19 गाइडलाइन का उल्लंघन करने से बाज नहीं आ रहे हैं. शादी समारोह में भारी भीड़ जमा हो रही है.
ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड गाइडलाइन को ताक पर रखा जा रहा है. स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह के नाम पर मिनी लाकडाउन में 16 मई से पाबंदियां सख्त की गई हैं. शादी कार्यक्रम में केवल 11 लोगों के ही जमा होने की अनुमति है लेकिन इसका असर नहीं दिख रहा.
17 मई को लोहरदगा के कुडू प्रखंड के जिंगी गांव में करीब 300 लोग एक साथ बिना मास्क लगाए डीजे पर नाचते नजर आए. नाच देखने के लिए भी काफी संख्या में लोग जुटे रहे. इस दौरान लोगों में न कोरोना संक्रमण का डर था और न ही कानूनी कार्रवाई का. शादी समारोह में इस तरह भारी संख्या में लोग जमा हुए, जिस पर गांव के कुछ बुद्धिजीवी चिंतित भी नजर आए. हालांकि सामाजिक रिश्ते-नाते खटाई में न पड़ जाए, इस वजह से लोगों ने चुप रहना ही उचित समझा.
क्यों घातक साबित हो रही है कोरोना वायरस की दूसरी लहर? BHU के वैज्ञानिक ने बताई बड़ी वजह
पुलिस ने मौके से हटवाई भीड़
अधिकारियों को जैसी ही इसकी सूचना मिली, पुलिस को मौके पर भेजकर भीड़ को हटवाया. हालांकि, कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई. इस कार्यक्रम में शामिल ज्यादातर युवा पढ़े लिखे थे. ऐसे में उनकी समझ पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. महामारी के दौर में भी इन्हें कोई समझाने वाला नजर नहीं आया.
अगर लोगों ने कोरोना प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया तो ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भयावह हो सकती है. यह एक गांव का किस्सा नहीं है. आए दिन ऐसे आयोजन हो रहे हैं, जिसमें भारी जुटान हो रहा है. ग्रामीण इलाके में कोरोना तेजी से फैल रहा है. मौतें हो रही हैं.
शादी समारोहों में उड़ रही कोविड नियमों की धज्जियां
शादी समारोहों में लोग सैकड़ों की संख्या में जुटते, नाचते-गाते देखे जा रहे हैं. कोरोना जागरूकता पर सरकार के पैसे और संसाधन लग रहे हैं, पर लोगों में चेतना नहीं है, स्थिति नहीं सुधर रही. लोग नियमों को मानने को बिलकुल तैयार नहीं हैं. बारात में भारी संख्या में बिना मास्क लगाए भीड़ लगाकर नाचते-गाते देखा जा रहा है. ऐसा नहीं है कि इसकी खबर प्रशासन को नहीं होती, मगर ऐसे ही चलता रहा तो कोरोना से जंग जीतना मुश्किल होता जाएगा.
यह भी पढ़ें:
महिला को पिता के लिए चाहिए था ऑक्सीजन सिलेंडर, पड़ोसी ने रखी घिनौनी शर्त
गांवों में कैसे फैला कोरोना, कहां चूक गईं सरकारें, क्या हैं आगे की तैयारियां-चुनौतियां?