
कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने एक बार फिर हिंदू राष्ट्र की वकालत की. झारखंड के मेदिनीनगर में उन्होंने कहा कि हिंदू राष्ट्र से रामराज्य की अवधारणा को सत्ता द्वारा व्यावहारिक रूप देने से सामाजिक विसंगतियां दूर होंगी. साथ ही उन्होंने कहा कि आसाराम, राम रहीम और रामपाल जैसे धर्म गुरुओं को तो जेल भेज दिया गया. अगर हिम्मत तो दूसरे धर्म गुरुओं को जेल भेज कर दिखाओ.
देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि जितना अंग्रेजी हुकूमत में साधू-संतों को नहीं प्रताड़ित होना पड़ा, उतना आजाद भारत में प्रताड़ित हुए हैं. यह हिंदू राज, रामराज्य की संकल्पना के विरुद्ध है. इसे रोका जाना चाहिए. इनको जमानत इसलिए नहीं मिल रही है क्योंकि ये सनातनी धर्म के हैं.
'मंदिर की मूर्तियां जामा मस्जिद की सीढ़ियों में दबा दी गईं'
उन्होंने कहा कि केरल में चौदह किशोरियां के बलात्कार के आरोपी धर्म गुरु के लिए आसानी से जमानत पर रिहाई के आदेश जारी हो जाते हैं. इसे क्या समझा जाए. 1670 में मुगल बादशाह औरंगजेब ने मथुरा मंदिर को ध्वस्त कर ईदगाह बनाया था. मंदिर की मूर्तियां जामा मस्जिद की सीढ़ियों में दबा दी गईं. इससे सनातन धर्म और समाज की भावनाएं आहत हैं.
'सभी जिलों में 5-5 गुरुकुलम विद्यालय स्थापित किया जाएं'
कथावाचक ने कहा कि अतिक्रमण को मुक्त करने की मांग कर रहे हैं तो कोई गुनाह नहीं कर रहे हैं. मांग है कि हिंदुओं के मंदिर-धर्मस्थलों-देवालयों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त किया जाए. अबतक इनसे हुई आय से भारत के सभी जिलों में 5-5 गुरुकुलम विद्यालय स्थापित किया जाएं. ताकि बालपन से विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति में ढाला जा सके.