
झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार के भव्य शपथग्रहण समारोह की जबरदस्त तैयारियां तेज हो गईं हैं. शपथग्रहण समारोह में कई दिग्गजों के शामिल होने की उम्मीद है, जिसको लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं. वीवीआईपी और वीआईपी मेहमानों के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है.
सूत्रों की मानें तो 28 नवंबर को मोराबादी मैदान में हेमंत सोरेन के साथ आधी से ज्यादा कैबिनेट शपथ ले सकती है. हालांकि, अभी इस बारे में कोई भी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. साथ ही उम्मीद जताई जा रही है कि हेमंत सोरेन की शपथग्रहण समारोह में भारी संख्या में भीड़ भी पहुंच सकती है, जिसको लेकर पुलिस प्रशासन ने मोराबादी मैदान की सुरक्षा में चार हजार से ज्यादा जवानों को तैनात कर किया है. और कई सड़कों से ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया है.
ये दिग्गज हो सकते हैं शामिल
बताया गया है कि शपथग्रहण समारोह में इंडिया ब्लॉक में शामिल राजनीतिक दलों के कई नेता हो सकते हैं. बताया जा रहा है कि आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी का आना कन्फर्म हो गया है. जबकि कांग्रेस अर्जुन खड़गे, राहुल गांधी, तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन और कनिमोझी के भी आने की संभावनाएं हैं.
वहीं, झारखंड में सरकार के शपथग्रहण समारोह से इंडिया ब्लॉक बीजेपी को ये संदेश देने की कोशिश करेगा कि उनके पार्टनर के बीच एकजुटता है और ये बॉन्डिंग उनके लिए आगे भी सफलता का रास्ता खोलेगी.
पीएम को किया आमंत्रित
हेमंत सोरेन अपने शपथग्रहण कार्यक्रम के लिए विभिन्न दलों के नेताओं को आमंत्रित कर रहे हैं. इसी क्रम में वह मंगलवार को अपनी पत्नी के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और उन्हें नई सरकार के शपथग्रहण समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दिया. उन्होंने पीएम संग अपनी मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया एक्स पर साझा की और लिखा, पीएम से दिल्ली में मुलाकात कर 28 नवंबर को अबुआ सरकार के शपथ ग्रहण समारोह शामिल होने के लिए आमंत्रित किया.
इंडिया ब्लॉक ने जीतीं 56 सीटें
आपको बता दें कि हाल ही में संपन्न हुए झारखंड चुनाव में JMM के नेतृत्व में इंडिया ब्लॉक ने 56 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया है, जबकि बीजेपी नेतृत्व वाला NDA महज 24 सीटों पर सिमट गया. झारखंड राज्य के गठन के बाद यह पहली बार होगा जब कोई सरकार अपने लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए रिपीट होगी.