
नोटबंदी के ऐलान के साथ ही झारखंड में भी जनधन खातों के दुरुपयोग के पुख्ता प्रमाण आने शुरू हो गए है. इस सिलसिले में चतरा जिला के लावालौंग प्रखंड के 93 बैंक खातों को प्रशासन ने फिलवक्त फ्रीज कर दिया है. दरअसल नक्सलग्रस्त राज्य होने की वजह से यहां नक्सलियों द्वारा लोगों को डरा-धमकाकर उनके खातों में पैसे डलवाने का अंदेशा पहले से ही था. ऐसे में प्रशासन और आयकर विभाग इन खातों पर पहले से ही निगाहें बनाये था. ऐसे में अब फ्रीज किये गए खातों के खाताधारक सकते में है और अब बैंक के चक्कर काट रहे है.
रातोंरात जमा हुए 45 हजार
इन फ्रीज किये गए खातों में से एक खाता पूनम देवी का भी है. जिनके खाते में रातों रात 45 हजार रुपये जमा हो गए. ऐसे में प्रशासन ने इसे संदिग्ध मानते हुए इसे फ्रीज कर दिया है. साथ ही जिले के उपायुक्त का कहना है कि ऐसे खाताधारकों
पर कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ इन्हें मिलनेवाली सरकारी सुविधाएं भी वापस ली सकती है. खासकर जनधन, वृद्धावस्था पेंशन, छात्रवृत्ति सहित अन्य खातों में अवैध रुप से रुपये की जमा करनेवाली पर आयकर विभाग की पैनी नजर है और जिले
के सभी बैंकों खातों की मानटरिंग की जा रही है
सुरक्षाबल भी है चौकस
नक्सलियों की चाल के काट के लिए सुरक्षाबल भी ग्रामीणों को जागरुक करने में जुटे है. इसके तहत गांवों में पोस्टर लगा कर लोगों से अपने खातों में पैसों को जमा नहीं करने की अपील कर रहे है, साथ ही जगह-जगह सघन वाहन चेकिंग
अभियान भी चलाये जा रहे है. जिसकी वजह से नक्सलियों को अपने पैसों को सुरक्षित ठिकाने लगाने में खासी परेशानी हो रही है. सुरक्षाबलों का भी मानना है कि समय रहते कार्रवाई होने की वजह से नक्सली अपने मकसद में ज्यादा कामयाब नहीं
हो पाएंगे.
संदिग्ध खाताधारकों में खलबली
प्रशासन की कार्रवाई की वजह से ऐसे खाताधारकों में खलबली मची है क्योंकि उनके खातों में पैसों के अवैध लेनदेन की पुष्टि होने की सूरत में उन्हें सरकारी सुविधाओ से हाथ धोना पड़ सकता है, साथ ही कानूनी प्रावधानों के तहत उन्हें सात साल
की सजा भी हो सकती है.