
दक्षिण पूर्वी रेलवे के मुरी डिविजन अंतर्गत ईचाडीह और लेटेमदा स्टेशन के बीच बीच हाथियों का झुंड रेलवे ट्रैक क्रॉस कर रहा था. इसी बीच एक हाथी हावड़ा-हटिया-रांची एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई. हाथी के जोरदार टक्कर से लोहे का पुल भी बेंड हो गया. साथ ही 25 हजार वोल्ट की तारे टूट गई. इससे ट्रेन परिचालन भी बाधित रहा.
मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार की सुबह 3 बजकर 30 मिनट के आसपास हाथी का झुंड ट्रेन से टकराया था. बताया जाता है कि दलमा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी व पुरुलिया जिला के अयोध्या पहाड़ की ओर से गजराज का झुंड भोजन और पानी की तलाश में भटक कर कुछ दिनों से चांडिल वन्य क्षेत्र के लावा, आंडा सीमा गांव के छोटे पलास की जंगल में आश्रय लिये हुए था.
भोजन की तलाश में इधर-उधर भटक रहा हाथियों का झुंड लेटेमदा ओर ईचाडीह की और भोजन की खोज में रेलवे ट्रैक पार करने के ट्रेन की चपेट में आ गया. एक हाथी की ट्रेन की चपेट में आने से मौत के बाद उसके दूसरे साथी काफी जोर से चिघाड़ने लगे. इस कारण आसपास के दर्जनों गांव के लोग भयभीत हो गए. ट्रेन से हाथी के कटने की सूचना मिलते लोग वहां पहुंचने लगे.
घटना की सूचना मिलने पर चांडिल वन क्षेत्र के पदाधिकारी और वन कर्मी घटना स्थल पहुंचे. इसके बाद काफी मशक्कत से रेलवे ट्रैक से हाथी के शव को हटाया गया. हाथी के पंचनामा के लिए डॉक्टरों की टीम को बुलाया गया. जंगल में असुरक्षा और भोजन पानी की दिक्कत के कारण वन्य जीव इधर-उधर भाग रहे हैं. यही कारण है कि एक हाथी ने ट्रेन से टकराकर अपनी जान गंवा दी.