
झारखंड के बड़े कारोबारी और न्यूक्लियस मॉल के मालिक विष्णु अग्रवाल को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया है. ईडी सूत्रों ने बताया की रात 10.30 बजे गिरफ्तारी की गई है. विष्णु अग्रवाल को ईडी ने समन जारी कर सोमवार को पूछताछ के लिए बुलाया था, पूछताछ के बाद देर रात अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया गया.
झारखंड-बंगाल के बड़े जमीन कारोबारी और न्यूक्लियस मॉल के मालिक विष्णु अग्रवाल से ईडी ने लंबी पूछताछ की. ईडी को अपनी जांच में हैरान करने वाले तथ्य मिले. जांच एजेंसी के अधिकारियों के मुताबिक विष्णु अग्रवाल जमीन घोटाले से लाभांवित होने वाले प्रमुख व्यक्ति हैं. वह अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके अफसरों से मनमर्जी का काम लेते थे.
ईडी ने अपनी जांच में पाया है कि जमीन से जुड़े मामलों में विष्णु अग्रवाल ने कई बार आर्डर तक अपने दफ्तर में ही लिखवाया, इसके बाद कॉपी पर अधिकारियों ने हस्ताक्षर कर आदेश निकाले. जांच में पाया गया कि विष्णु अग्रवाल के दफ्तर में टाइप किए गए कुछ आर्डर पर तत्कालीन डीसी छवि रंजन ने भी हस्ताक्षर किए. साक्ष्य मिलने के बाद विष्णु अग्रवाल को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया.
जांच में नहीं किया सहयोग
जमीन घोटाले की जांच में ईडी को विष्णु अग्रवाल का सहयोग नहीं मिल रहा था. ईडी ने 31 जुलाई को दिन के 11 बजे अग्रवाल को रांची में जोनल ऑफिस में पूछताछ के लिए बुलाया था. लेकिन तबीयत खराब होने की बात कहकर विष्णु अग्रवाल उपस्थित नहीं हुए. उन्होंने इसका ई मेल भेज दिया. इसके बाद ईडी ने चौथा समन विष्णु अग्रवाल को भेजा और किसी भी सूरत में 3.30 बजे तक उपस्थित होने के लिए कहा. इसके बाद विष्णु चार बजे ईडी ऑफिस पहुंचे.
नोटिस भेजने पर नहीं आए विष्णु
बता दें कि इससे पहले ईडी ने 17 जुलाई को जमीन घोटाले में उन्हें समन किया था, लेकिन विष्णु तब बीमारी की बात कहकर पेश नहीं हुए थे. उन्होंने तब तीन सप्ताह का वक्त मांगा था. ईडी ने उन्हें तब 26 जुलाई को उपस्थित होने का दूसरा समन भेजा था. 26 जुलाई को घर में पूजा-पाठ होने की बात कह विष्णु अग्रवाल ने आने में असमर्थता जतायी थी, जिसके बाद उन्हें 31 जुलाई का समन भेजा गया था.
चेशायर होम रोड समेत कई फर्जीवाड़े
विष्णु अग्रवाल के खिलाफ जांच में ईडी को काफी तथ्य मिले हैं. ईडी ने पाया है कि चेशायर होम रोड में एक एकड़ जमीन की खरीद फर्जी दस्तावेजों से हुई थी. इसके अलावा सेना की सिरमटोली की जमीन का सौदा भी गलत दस्तावेज के आधार पर हुआ. वहीं पुगडु में 9.3 एकड़ जमीन की खरीद बिक्री में भी गलत दस्तावेजों का इस्तेमाल हुआ. खासमहाल जमीन के लिए पहले जहां जमीन मालिक आशीष कुमार गांगुली ने सरकार को लीज का आवेदन दिया था, वहीं बाद में इस जमीन की रजिस्ट्री फर्जी तरीके से विष्णु अग्रवाल के पक्ष में कर दी गई. इस मामले में तत्कालीन सीओ, जमीन की खरीद बिक्री से जुड़े दो दर्जन से अधिक लोगों से ईडी ने बीते एक सप्ताह में पूछताछ की.