
झारखंड के लोहरदा जिले में स्पेशल पॉस्को कोर्ट ने सात साल की मासूम के साथ हुए दुष्कर्म के आरोप में उसके फूफा को उम्रकैद की सजा सुनाई है. एडीजे वन अखिलेश कुमार तिवारी की अदालत ने तीन साल पुराने नाबालिग के साथ रेप के मामले में लोहरदगा महिला थाना में दर्ज केस संख्या 16/2020 के अभियुक्त 55 साल के विनोद उरांव को धारा छह पॉस्को एक्ट में दोषी पाया. उम्रकैद के साथ ही आरोपी पर 25 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया.
बच्ची की मां ने सब अपनी आंखों से देखा था
रिश्ते में लगने वाला फूफा विनोद उरांव बहला-फुसलाकर सात साल की मासूम बच्ची को खिलाने के बहाने सुनसान जगह पर ले गया था. वहां उसके साथ गलत हरकत की. तभी बच्ची की मां उसे ढूंढ़ते हुए आई और सब कुछ अपनी आखों से देख लिया.
पीड़िता की मां की शिकायत और बयान पर पुलिस ने केस दर्ज करते हुए कार्रवाई की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था. हालांकि, आरोपी ने खुद को बेकसूर बताते हुए भागने की कोशिश की थी. मगर, मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था. पीड़ित बच्ची की मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद रेप की एफआईआर दर्ज की गई थी.
तीन साल बाद भी डरी-सहमी रहती है मासूम
इस घटना के बाद मासूम की हालत काफी खराब हो गई थी. उसे नाजुक हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था. बताया जा रहा है कि उस घटना के तीन साल होने के बाद भी मासूम अब तक डरी सहमी रहती है.
आरोपी के खिलाफ आठ लोगों ने कोर्ट में गवाही दी. बचाव पक्ष के वकील बुधनाथ साहू थे, जबकि सरकार का पक्ष एपीपी मनोज झा ने अदालत के सामने रखा. तीन साल बाद आए फैसले से मासूम के माता-पिता खुश हैं. उनका कहना है कि इस घटना के बाद उनकी और बच्ची की जिंदगी ही पूरी तरह से बदल गई.