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गरीबी में बीता बचपन, पिता ट्रक ड्राइवर... कौन हैं मिशन चंद्रयान-3 में अहम भूमिका निभाने वाले झारखंड के साइंटिस्ट सोहन?

साइंटिस्ट सोहन के पिता ट्रक ड्राइवर और मां गृहिणी हैं. 4 भाई बहनों में तीसरे नंबर के सोहन का बचपन गरीबी और अभाव में बीता है. साइंटिस्ट की मां देवकी देवी ने बताया कि काफी मुश्किल से उनकी पढ़ाई लिखाई कराई. उन्होंने कहा कि जब सोहन के पिता की कमाई 3 हजार रुपए होती थी तब वह 2500 रुपए सोहन की पढ़ाई पर खर्च करते थे.

मिशन चंद्रयान-3 की सफलता में झारखंड के साइंटिस्ट सोहन की अहम भूमिका है मिशन चंद्रयान-3 की सफलता में झारखंड के साइंटिस्ट सोहन की अहम भूमिका है
सत्यजीत कुमार
  • रांची,
  • 24 अगस्त 2023,
  • अपडेटेड 7:56 AM IST

23 अगस्त 2023... ये दिन है भारत की नई ऊंचाइयों का. चंद्रयान-3 ने चांद के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग कर इतिहास रच दिया है. पूरा विश्व आज भारत की ओर उम्मीद भरी निगाहों से देख रहा है. इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय झारखंड के खूंटी जिले के रहने वाले साइंटिस्ट सोहन यादव को भी जाता है. सोहन का इस पूरे मिशन में अहम योगदान है. आइए जानते हैं कौन हैं साइंटिस्ट सोहन.. 
 
साइंटिस्ट सोहन के पिता ट्रक ड्राइवर और मां गृहिणी हैं. 4 भाई बहनों में तीसरे नंबर के सोहन का बचपन गरीबी और अभाव में बीता है, लेकिन उनके मन में एक जुनून था. पिता की मेहनत को देखकर सोहन ने गांव के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में पांचवीं कक्षा तक पढ़ाई की. इसके बाद नवोदय विद्यालय से दसवीं पास की. फिर बरियातू के DAV में 12वीं कक्षा पास की. 

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पढ़ाई में अव्वल सोहन के सपने ऐसे थे, जिन्हें साकार करने की जिद में उन्होंने कभी भी अपनी आर्थिक स्थिति को आड़े नहीं आने दिया. उन्होंने  IIT कर इसरो में एंट्री पाई. 21 साल की उम्र में इसरो से जुड़ने के बाद कड़ी मेहनत और लगन को देखते हुए सोहन ने चंद्रयान-2 की टीम में अपनी जगह बनाई. इस मिशन के असफल होने के बाद फिर से चंद्रयान-3 में भी इन्हें शामिल किया गया.

साइंटिस्ट सोहन यादव का परिवार

साइंटिस्ट की मां ने सफल लैंडिंग के लिए रखा व्रत

साइंटिस्ट सोहन की मां देवकी देवी ने बताया कि काफी मुश्किल से उनकी पढ़ाई लिखाई कराई, लेकिन आज वो सफल हो गई. साथ ही कहा कि जब तक चंद्रयान ने लैंडिंग नहीं की, तब तक वह उपवास पर रहीं. उन्होंने इसकी लॉन्चिंग के बाद कई तीर्थस्थल पे जाकर इसकी कामयाबी के लिए प्रार्थना भी की.

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घर के खर्च में कटौती कर बेटे को पढ़ाया

सोहन यादव की मां अपने बेटे के प्रति लोगों का प्यार देखकर खुशी से फूली नहीं समा रही हैं. देवकी देवी बताती हैं कि सोहन बचपन से बोलता था कि आज जितना तकलीफ है, कल उनको दुनिया जानेगी. सोहन के पिता शिवशंकर एक ट्रक ड्राइवर हैं. जब उनकी कमाई 3 हजार रुपए होती थी तब वह 2500 रुपए सोहन की पढ़ाई पर खर्च करते थे. बेटे की लगन को देखते हुए उन्होंने घर के खर्च में कटौती कर सोहन को पढ़ाया और आज बेटे की सफ़लता से पिता का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है.

सोहन की मेहनत से बदल गई तकदीर

सोहन की भाभी ममता देवी ने बताया कि जब उनकी शादी हुई थी तो घर की स्थिति बहुत खराब थी, लेकिन सोहन की मेहनत और लगन से आज घर की स्थिति तो अच्छी हुई ही, बल्कि आज उनकी मेहनत के दम पर ही  देश के लिए गौरव का क्षण आया है. उन्होंने कहा कि आज परिवार के लिए बेहद खुशी का दिन है. रिश्तेदारों के लगातार फोन आ रहे हैं, बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है. ममता देवी ने कहा कि सोहन ने अपनी मेहनत के दम पर ये मुकाम हासिल किया है.

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चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला दुनिया का चौथा देश बना भारत

चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला दुनिया का चौथा देश अब भारत बन चुका है. चंद्रयान का लैंडर चंद्रमा के साउथ पोल पर सफलतापूर्वक लैंड हो गया है. वहीं चंद्रयान की सफल लैंडिंग के बाद ISRO ने ट्वीट किया है. ISRO की ओर से ट्वीट किया गया, 'भारत, मैं अपनी डेस्टिनेशन पर पहुंच गया हूं और आप भी. चंद्रयान-3 मून पर सफलतापूर्वक सॉफ्ट लैंड हो गया है. बधाई इंडिया'.

(अरविंद सिंह के इनपुट्स के साथ)


 

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