
झारखंड में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने खेतों में उतारकर हल और बैल के साथ राज्य सरकार के खिलाफ धरना दिया और नारेबाजी भी की. बीजेपी का आरोप है कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार किसानों की समस्या के समाधान में बिल्कुल नाकाम रही है. किसानों से धान खरीदे जाने के बाद भी साल भर से उसका भुगतान नहीं किया गया है.
बीजेपी का यह भी आरोप है कि वायदा करने के बावजूद किसानों की ऋण माफी नहीं की गई और न ही अनुदानित दर पर उन्हें बीज या खाद मिल रहा है.
प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि जबर्दस्त बारिश और यास तूफान की वजह से उनकी फसल और सब्जियां बर्बाद हो गई हैं. उसकी भरपाई करने वाला कोई नहीं. लाखों रुपये की पूंजी डुब चुकी है.
किसानों का कहना है कि राज्य में सिर्फ 9 लाख किसान रजिस्टर्ड हैं जिन्हें ऋण मिला था और उसे वे माफ करवाना चाहते हैं. हालांकि सूबे के कृषि मंत्री बादल ने कहा है कि इसके लिए 980 करोड़ रुपये आवंटित हैं और 2 लाख के आस-पास की संख्या में किसानों की ऋण माफी बिल्कुल आखिरी चरण में बैंक के पास है. बाकी रजिस्टर्ड किसानों की ऋण माफी भी प्रक्रिया में है.
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कौन से वादे पूरे किए गएः दीपक प्रकाश
हालांकि किसानों ने बताया कि फसल बीमा कैसे होता है या फिर ऋण भी कैसे लिया जाता है, कई जरूरतमंद किसानों को इस बारे में पता ही नहीं है यानी जागरूकता का साफ अभाव है. ऐसे में राजनीति तो हो रही है लेकिन किसानों की तस्वीर और तकदीर नहीं बदल रही.
प्रदेश BJP अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी शायद आपको याद होगा कि यह आपका चुनावी घोषणापत्र है जिसमें राज्य के किसानों के लिए बड़े-बड़े वादे किए गए थे. अब तो राज्य में आपकी सरकार बने 1.5 वर्ष हो चुके, अगर आप स्वयं झारखंड की जनता को बता देते कि इनमें से कौन-कौन से वादे पूरे हुए तो बेहतर होता.
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