
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने आइटम वाले बयान पर मिले चुनाव आयोग के नोटिस का जवाब दिया है. उन्होंने कहा है कि उनके बयान का गलत मतलब निकाला गया. उन्होंने अपने जवाब में कहा कि बीजेपी हार के डर से मुद्दा बदलने की कोशिश कर रही है.
कमलनाथ ने कहा कि अगर चुनाव आयोग मेरे पूरे भाषण को फिर से देखता है तो उसे समझ आ जाएगा कि कोई दुर्भावना नहीं थी. पूर्व सीएम ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने ऐतिहासिक निर्णयों में कई बार कहा है कि चुनावी सरगर्मी में कई बयान सामने आ चुके हैं. कमलनाथ ने कहा कि मेरा मकसद किसी को ठेस पहुंचाना नहीं था.
क्या है पूरा मामला
दरअसल, कमलनाथ मध्य प्रदेश (एमपी) के डबरा में कांग्रेस प्रत्याशी सुरेश राजे के समर्थन में प्रचार करने पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने मंच से कहा कि सुरेंद्र राजेश हमारे उम्मीदवार हैं, सरल स्वभाव के सीधे-साधे हैं. यह उसके जैसे नहीं है, क्या है उसका नाम? मैं क्या उसका नाम लूं आप तो उसको मुझसे ज्यादा अच्छे से जानते हैं, आपको तो मुझे पहले ही सावधान कर देना चाहिए था, 'यह क्या आइटम है'.
वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि जनता 3 नवंबर को इमरती देवी को जलेबी बना देगी.
इस बयान के बाद से मध्य प्रदेश में सियासी भूचाल आ गया. चुनाव आयोग ने भी कमलनाथ से जवाब मांगा था. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी कहा कि उन्हें ऐसी भाषा पसंद नहीं है. राहुल गांधी ने कहा कि मुझे व्यक्तिगत रूप से ऐसी भाषा पसंद नहीं है. मैं इसकी सराहना नहीं करता हूं. वहीं, कमलनाथ ने अपने बयान पर माफी मांगने से इनकार कर दिया था.