
मध्य प्रदेश में करीब 15 साल से सत्ता पर काबिज बीजेपी साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए एम-3 के भरोसे है. एम-3 यानी मंदिर, महंत और मठ. दरअसल बीजेपी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए मंदिरों, मठों के संचालकों, साधु, संन्यासियों एवं अन्य प्रमुख लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है.
हालांकि पार्टी ने यह नहीं बताया है कि इस जानकारी का इस्तेमाल किस तरह से किया जाएगा. न्यूज एजेंसी पीटीआई को सूत्रों ने बताया कि प्रदेश में फैले 65,000 मतदान केंद्रों के इलाकों में स्थित सभी मंदिरों, हिन्दू धर्मस्थलों, मठों तथा इनके संचालक साधु, संतों, पुजारियों और इनसे जुड़े श्रद्धालुओं, सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं एवं अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तियों के बारे में जानकारी जुटाई है.
प्रदेश बीजेपी प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने बताया कि हां, हमने मंदिरों, मठों और इनसे जुड़े पुजारियों और संतों की जानकारी हासिल की है. उन्होंने कहा कि पार्टी ने बूथ स्तर पर सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं और असरदार लोगों का डाटा भी एकत्र किया है.
उन्होंने कहा कि हम इनसे संपर्क करेंगे, लेकिन उन्होंने अन्य सवालों के जवाब नहीं दिए. आपको बता दें कि इस साल के आखिर में मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव होना है. ऐसे में पार्टी राज्य में लगातार चौथी बार सत्ता पर काबिज होने का सपना देख रही है. इसी के मद्देनजर पार्टी जानकारी जुटा रही है.