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MP: नए कृषि कानून से होशंगाबाद के किसानों को ऐसे मिला न्याय, CM शिवराज ने किया ट्वीट

एमपी में किसानों से कॉन्ट्रैक्ट के तहत धान खरीदना तय होने के बाद कंपनी पीछे हट गई थी, लेकिन मामला संज्ञान में आते ही एसडीएस ने कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट में तय रकम पर ही धान ख़रीदी का आदेश दिया है. 

सीएम शिवराज चौहान (फ़ोटो- पंकज तिवारी) सीएम शिवराज चौहान (फ़ोटो- पंकज तिवारी)
रवीश पाल सिंह
  • भोपाल ,
  • 12 दिसंबर 2020,
  • अपडेटेड 11:00 PM IST
  • कॉन्ट्रैक्ट होने के बाद कंपनी पीछे हट गई थी
  • एसडीएस ने लिया एक्शन और दिलाया न्याय
  • शिवराज ने ट्वीट कर विपक्ष पर साधा निशाना

जहां एक तरफ दिल्ली में बड़ी संख्या में किसान, केंद्र सरकार द्वारा लागू कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ मध्य प्रदेश में इसी कानून के तहत किसानों को न्याय मिलने का मामला सामने आया है. यहां किसानों से कॉन्ट्रैक्ट के तहत धान खरीदना तय होने के बाद कंपनी पीछे हट गई थी, लेकिन मामला संज्ञान में आते ही एसडीएस ने कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट में तय रकम पर ही धान ख़रीदने का आदेश दिया है. 

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दरअसल, होशंगाबाद के रहने वाले किसान पुष्पराज पटेल और बृजेश पटेल से निजी कंपनी ने कॉन्ट्रैक्ट किया था कि कंपनी उनसे उच्चतम मूल्य पर धान खरीदेगी. किसानों का आरोप है कि जून 2020 में अनुबंध होने के बाद कंपनी ने कुछ समय तक तो उच्चतम मूल्य ही धान खरीदा, लेकिन दाम बढ़कर जैसे ही 3 हज़ार रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंचे, तो कंपनी ने धान खरीदना बंद कर दिया और कंपनी के लोगों ने किसानों का फोन भी उठाना बंद कर दिया. 

इसके बाद 10 दिसंबर को किसानों ने पिपरिया एसडीएम नितिन टाले को लिखित शिकायत दी. इसके बाद एसडीएम ने निजी कंपनी के प्रतिनिधियों को समन जारी कर जवाब देने को कहा. इस पर कंपनी के डायरेक्टर ने जवाब प्रस्तुत किए जाने पर कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) अनुबंध मूल्य आश्वासन और कृषि सेवा अधिनियम 2020 की धारा 14(2)(a) क तहत कांसुलेशन बोर्ड का गठन किया. कांसुलेशन बोर्ड के सामने कंपनी ने 9 दिसंबर के उच्चतम दर पर धान खरीद करना स्वीकार किया. 

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बोर्ड की सिफारिश के आधार पर एसडीएम पिपरिया ने अनुबंधित किसानों 2950+50 रूपए बोनस कुल 3000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदने के निर्देश दिए. इस प्रकार नये कृषि कानून का प्रयोग करते हुए शिकायत प्राप्त होने के 24 घंटे के अंदर किसानों को अनुबंध के मुताबिक उच्चतम मूल्य पर उपज बिक्री करवाई गई. 

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इस बारे में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट करते हुए जिले के अफसरों को बधाई दी और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. मुख्यमंत्री ने लिखा, "नए कृषि कानून किसानों के हित में हैं, इसका उदाहरण है यह मामला. होशंगाबाद में फॉर्च्यून राइस लि. अनुबंध होने के बावजूद किसानों से धान नहीं खरीद रही थी. SDM कोर्ट ने तत्परता दिखाते हुए कंपनी को रु. 3000 क्विंटल की दर से धान खरीदी का आदेश दिया है. प्रशासन की पूरी टीम को बधाई. मैं विपक्षी दलों के नेताओं से यह कहना चाहता हूँ कि अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए भोले-भाले किसानों का इस्तेमाल न करें. NDA सरकार ने जो कृषि कानून बनाए हैं, उनसे किसानों को लाभ ही होगा और यदि कोई गड़बड़ करता है, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी."

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