
बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र की वजह से कई राज्यों में भारी बारिश जारी है. लगातार बारिश ने मध्य प्रदेश के मौसम का मिजाज बदलकर रख दिया है. राज्य के कई हिस्सों में शुक्रवार को भी बारिश का दौर जारी रहा. राज्य में बीते एक सप्ताह से मॉनसून की सक्रियता ने ज्यादातर हिस्सों को बेहाल कर दिया है. कई हिस्सों में बारिश के चलते बाढ़ के हालात से जनजीवन अस्त-व्यस्त है.
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल, खंडवा, होशंगाबाद, धार समेत कई जिलों में भारी बारिश हो रही है, जिसके कारण आई बाढ़ ने कहर बरपा रखा है. फसलें, दुकानें तबाह हो चुकी हैं,
राज्य में ऐसा जलप्रलय आया है जिसने चट्टानों को तोड़कर बहा दिया है. सैलाब हर चीज को बहा ले जाने पर आमादा है. छिंदवाड़ा में भी हालात बिगड़े हुए हैं. बाढ़ में फंसे लोगों को बचाने के लिए एनडीआरएफ की टीमें लगी हुई हैं.
सिंगरौली जिले में रुक-रुक कर हो रही बारिश की वजह से एक तरफ जहां निचली बस्तियों में पानी भर गया है, वहीं दूसरी तरफ एस्सार पावर लिमिटेड कंपनी की ऐश डै़म में दरार आने की वजह से इलाके के कई गांव में आफत टूट पड़ी है.
मध्य प्रदेश के होशंगाबाद में मूसलाधार बारिश हो रही है. पंचमढ़ी का प्रसिद्ध जटाशंकर मंदिर चारों तरफ से पानी से घिर गया है. जिससे मंदिर की सीढ़ियां भी पानी में डूब गई हैं. सुरक्षा के चलते श्रद्धालुओं के लिए दर्शन बंद कर दिए गए हैं.
वहीं मंदसौर की स्थिति तो पहले से भयानक है, रास्तों पर सैलाब उमड़ा है. सिहोर में गांव टापू में बदल गए हैं, सड़के बाढ़ में बह गई हैं और मुख्य मार्गों से रास्ते कट गए हैं. सिहोर में बारिश ने बर्बादी के निशान दिए हैं.
इसके अलावा मध्य प्रदेश के बैतूल में लगातार हो रही बारिश की वजह से सारणी सतपुड़ा डैम के सात गेट 3-3 फीट पर खोल दिए गए हैं. सतपुड़ा डैम के सात गेट खुल जाने की वजह से तवा नदी उफान पर है. जिसकी वजह से कई गांवों में हाई अलर्ट जारी किया गया है.
बीते 24 घंटों के दौरान भोपाल में 98.2 मिलीमीटर, धार में 157.7 मिलीमीटर, खंडवा में 135 मिलीमीटर, खरगोन में 108 मिलीमीटर, रायसेन में 153.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है. मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों में कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है.