Advertisement

MP: बीजेपी संगठन में लंबे समय बाद बदलाव, सिंधिया समर्थकों से बनाई दूरी

नई कार्यकारिणी की सूची देखें तो पाएंगे कि इक्का-दुक्का नेताजों को छोड़ टीम वीडी शर्मा में उनके अपने समर्थकों समेत शिवराज और नरेंद्र सिंह तोमर का सिक्का नेताओं के नाम चुनने में चला है. पिछली बार जहां कार्यकारिणी में 10 उपाध्यक्ष थे तो वहीं इस बार 12 प्रदेश उपाध्यक्ष बनाए गए हैं. वहीं, 9 प्रदेश मंत्री की जगह अबकी बार 12 प्रदेश मंत्री बनाए गए हैं.

बीजेपी के प्रदेश संगठन में हुआ बदलाव (फाइल फोटो) बीजेपी के प्रदेश संगठन में हुआ बदलाव (फाइल फोटो)
रवीश पाल सिंह
  • भोपाल,
  • 14 जनवरी 2021,
  • अपडेटेड 2:35 AM IST
  • मध्य प्रदेश बीजेपी की कार्यकारिणी में हुआ बदलाव
  • सिंधिया समर्थकों को ना के बराबर मिली है जगह
  • इस बार एमपी में 12 प्रदेश उपाध्यक्ष बनाए गए हैं

लंबे समय बाद आखिरकार मध्य प्रदेश बीजेपी की कार्यकारिणी में बदलाव हो ही गया. हालांकि उम्मीद के विपरीत नई कार्यकारिणी में सिंधिया समर्थकों को करीब-करीब ना के बराबर जगह मिली है.

नई कार्यकारिणी की सूची देखें तो पाएंगे कि इक्का-दुक्का नेताजों को छोड़ टीम वीडी शर्मा में उनके अपने समर्थकों समेत शिवराज और नरेंद्र सिंह तोमर का सिक्का नेताओं के नाम चुनने में चला है. पिछली बार जहां कार्यकारिणी में 10 उपाध्यक्ष थे तो वहीं इस बार 12 प्रदेश उपाध्यक्ष बनाए गए हैं. वहीं, 9 प्रदेश मंत्री की जगह अबकी बार 12 प्रदेश मंत्री बनाए गए हैं.
 

Advertisement

माना जा रहा है कि अपने-अपने समर्थकों को संगठन में फिट करने के लिए पदों की संख्या बढ़ाई गई है. शिवराज सिंह चौहान के करीबियों में भोपाल के पूर्व मेयर आलोक शर्मा समेत करीब 7-8 ऐसे नेता हैं जिन्हें कार्यकारिणी में जगह मिली है. वहीं जीतू जिराती को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाकर कैलाश विजयवर्गीय की पसंद का भी ध्यान रखा गया है. इसके अलावा नरेंद्र सिंह तोमर के करीबी राहुल कोठारी को प्रदेश मंत्री बनाया गया है.

सिंधिया समर्थकों को उम्मीद थी कि प्रदेश कार्यकारिणी में उन्हें जगह मिलेगी जिससे वो बीजेपी संगठन की रीति नीति और कामकाज को अच्छे और करीब से देख सकें लेकिन फिलहाल उन्हें निराशा ही हाथ लगी है.

देखें: आजतक LIVE TV

मुकेश चौधरी जो सिंधिया के साथ ही कांग्रेस छोड़ बीजेपी में आए थे इकलौते सिंधिया समर्थक हैं जिन्हें प्रदेश कार्यकारिणी में जगह मिल पाई है. इसके अलावा ऐसे कई विधायक जिन्हें कैबिनेट में शामिल नहीं किया गया उन्हें उम्मीद थी कि शायद संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलेगी लेकिन ऐसे विधायकों को भी कार्यकारिणी में शामिल नहीं किया गया. इनमे विंध्य और महाकौशल के विधायक भी हैं.

Advertisement


 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement