
मध्यप्रदेश कांग्रेस की प्रवक्ता नूरी खान ने कांग्रेस पार्टी के सभी पदों से रविवार शाम को इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने बकायदा ट्वीट कर इसकी जानकारी सार्वजनिक भी की. हालांकि 2 घंटे बाद ही उन्होंने इस्तीफा वापस भी ले लिया.
नूरी खान ने पार्टी के भीतर उनके साथ भेदभाव का आरोप लगाया था और कहा था कि मुसलमान होने की वजह से उनके साथ पार्टी में यह व्यवहार हो रहा है. रविवार शाम नूरी खान ने ट्वीट करते हुए लिखा कि 'कांग्रेस पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा. कांग्रेस पार्टी में रहकर अल्पसंख्यक कार्यकर्ताओं एवं अपने लोगों को राजनैतिक एवं सामाजिक न्याय दिलाने में असहज महसूस कर रही हूँ भेदभाव की शिकार हो रही हूं अतः अपने सारे पदों से आज इस्तीफ़ा दे रही हूं.'
आजतक से बात करते हुए नूरी खान ने बताया कि 'मैं संगठन में काम करने के मकसद से लगातार पार्टी से जुड़ी रही लेकिन पार्टी के लिए लगातार काम करने के बावजूद मुस्लिम होने की वजह से मुझे दरकिनार किया जा रहा है इसलिए मैंने यह कदम उठाया है. कांग्रेस से मेरा जुड़ाव 22 साल पुराना है लेकिन मुझे कहा जाता है कि अगर टिकट चाहिए तो मुस्लिम बहुल सीट देखो और इसके बाद मुझे लगता है कि पार्टी में धर्मनिरपेक्षता अब रही नहीं है. मेरा प्रियंका जी और राहुल जी से सवाल यही है कि क्या भाजपा और कांग्रेस में कोई अंतर नहीं रहेगा?'
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कमलनाथ से बातचीत के बाद वापस लिया इस्तीफा
नूरी खान के इस्तीफ़े की खबर लगते ही कांग्रेस आलाकमान सक्रिय हो गया. नूरी खान ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने उनसे बात की है और भरोसा दिलाया है कि उनकी समस्या का समाधान किया जाएगा. इसके बाद नूरी खान ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया. नूरी खान ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने 9 दिसंबर को उन्हें भोपाल मिलने बुलाया है इसके बाद वह आगे के कदम के बारे में फ़ैसला करेंगी.