
मध्य प्रदेश का उपचुनाव यूं तो विवादित बयानों का केंद्र बन गया है. मगर, इस बीच एक दिलचस्प राजनीतिक घटनाक्रम भी यहां उभर रहा है. राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से खुली बगावत करने वाले पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट फिलहाल मध्य प्रदेश में कांग्रेस के लिए प्रचार कर रहे हैं. दिलचस्प बात ये है कि कांग्रेस के पुराने साथी और उनके दोस्त ज्योतिरादित्य सिंधिया दूसरी तरफ बीजेपी के लिए वोट मांग रहे हैं. या यूं कहें सिंधिया की साख दांव पर है.
सचिन पायलट मंगलवार से ही एमपी उपचुनाव के प्रचार में कूदे हैं. यहां 3 नवंबर को 28 सीटों पर मतदान होना है. इनमें ज्यादातर सीटें वो हैं, जो कांग्रेस विधायकों के इस्तीफे से खाली हुई थीं जिसके चलते कांग्रेस की कमलनाथ सरकार गिर गई थी. ये सभी विधायक सिंधिया समर्थक हैं और जिन इलाकों में फिलहाल उपचुनाव हो रहे हैं वो सिंधिया का इलाका माना जाता है.
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ऐसे में कांग्रेस छोड़कर आए बीजेपी के राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को बताया कि उन्होंने अपने पुराने सहयोगी सचिन पायलट का ग्वालियर में स्वागत में किया है. क्या सचिन पायलट के प्रचार में आने से चुनाव पर कोई असर पड़ेगा, इस सवाल पर सिंधिया ने कहा कि हर किसी को प्रचार का अधिकार है. बता दें कि सचिन पायलट को ग्वालियर, शिवपुरी, भिंड और मुरैना में प्रचार करना है.
बीजेपी पर बरसे सचिन पायलट
अपने एमपी दौरे के पहले दिन मंगलवार को सचिन पायलट ने शिवपुरी जिले में रैली की. करेरा विधानसभा से कांग्रेस उम्मीदवार प्रागी लाल जाटव के समर्थन में वोट की अपील करते हुए पायलट ने जनता से बीजेपी के कुशासन को उखाड़ फेंकने की अपील की. पायलट ने कहा कि मध्य प्रदेश को फिर प्रगति व खुशहाली की धारा में लाने के लिए यह आवश्यक है कि भाजपा के कुशासन को जड़ से उखाड़ कर कांग्रेस की एक जनकल्याणकारी सरकार की स्थापना की जाए.
करेरा के अलावा पायलट ने शिवपुरी जिले के पोहरी विधानसभा क्षेत्र में भी रैली की. यहां उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी हरिवल्लभ शुक्ला के समर्थन में वोट मांगे. सतनबाड़ा में आयोजित चुनावी सभा को संबोधित करते हुए पायलट ने कांग्रेस पार्टी के पक्ष में वोट करने की अपील की.
पायलट अभी और रैलियां भी करेंगे. साथ ही उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस भी प्रस्तावित है. ऐसे में ये देखना भी दिलचस्प होगा कि कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देकर सरकार गिराने वाले ज्यादातर मौजूदा बीजेपी उम्मीदवारों के खिलाफ सचिन पायलट क्या रुख अपनाते हैं. साथ ही अपने दोस्त ज्योतिरादित्य सिंधिया से चुनावी मैदान में वो किस तरह पेश आते हैं.