Advertisement

'ये गिरफ्तारी अवैध है', बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंचा अमृता फडणवीस को 'ब्लैकमेल' करने वाला बुकी

देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने बीते दिनों एक डिजाइनर पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुंबई के मालाबार हिल पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कराया था. अमृता की शिकायत के आधार पर, पुलिस ने 2 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की थी. अमृता ने आरोप लगाया था कि अनिक्षा नाम की एक महिला डिजाइनर ने उन्हें धमकी दी, साजिश रची और 1 करोड़ की रिश्वत की पेशकश की.

बुकी अनिल जयसिंघानी और अृमता फडणवीस बुकी अनिल जयसिंघानी और अृमता फडणवीस
विद्या
  • मुंबई,
  • 23 मार्च 2023,
  • अपडेटेड 4:56 PM IST

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस को कथित तौर पर ब्लैकमेल करने और जबरन वसूली से जुड़े मामले में आरोपी और देश का टॉप बुकी अनिल जयसिंघानी और उसके चचेरे भाई निर्मल ने गुरुवार को बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया. उसने कोर्ट में याचिका दायर कर अपनी गिरफ्तारी को अवैध करार देते हुए एफआईआर को रद्द करने की अपील की है. कोर्ट इस मामले में सोमवार 27 मार्च को सुनवाई करेगी.

Advertisement

जयसिंघानी ने अधिवक्ता मनन शंघाई और मृगेंद्र सिंह के माध्यम से दायर एक रिट याचिका में दावा किया है कि उनकी गिरफ्तारी "अवैध" है और उन्हें पुलिस हिरासत में भेजने के सत्र अदालत के आदेश को रद्द करने की भी मांग की गई है. उन्होंने दावा किया है कि उनकी गिरफ्तारी आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 41 और 41ए का उल्लंघन है और उन्हें गिरफ्तार करते समय कानून के तहत आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया. इसलिए उन्हें अंतरिम जमानत दी जाए.

याचिका में कहा गया है, "आरोपियों को बिना कानूनी औचित्य के निर्धारित अवधि से अधिक समय तक पुलिस हिरासत में रखा गया है. यह भारत के संविधान के तहत गारंटीकृत उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है. अभियुक्तों को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने में देरी और अनिवार्यता का पालन नहीं किया गया है. संबंधित पुलिस अधिकारियों द्वारा सीआरपीसी के प्रावधानों ने अभियुक्तों के प्रति गंभीर पूर्वाग्रह पैदा किया है.

Advertisement

36 घंटे बाद कोर्ट में पेश किया- वकील 

वकीलों ने कहा कि मुंबई पुलिस के डिविजनल कमिश्नर बालसिंह राजपूत ने मीडिया से कहा था कि अनिल को 19 मार्च की रात 11 बजकर 45 मिनट पर गिरफ्तार किया गया था और गिरफ्तारी के 36 घंटे बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जो कि निर्धारित कानून के विपरीत है. अनिल और उसके भाई को 19 मार्च को मुंबई पुलिस गुजरात से लाई और फिर 21 मार्च को अदालत में पेश किया. नियमों के मुताबिक आरोपी को गिरफ्तार होने के 24 घंटे के अंदर कोर्ट में पेश करना होता है.

हालांकि मुंबई पुलिस ने कहा था कि मुंबई की साइबर पुलिस गुजरात गई थी और अनिल को ही हिरासत में लिया गया था. अनिल को मुंबई लाए जाने के बाद ही उसकी पहचान की पुष्टि की गई और फिर उसे 20 मार्च को शाम 5 बजे गिरफ्तार कर लिया गया. मामले में दी गई सभी दलीलों पर विचार करने के बाद भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामलों की विशेष अदालत ने अनिल और निर्मल को 27 मार्च तक मुंबई पुलिस की हिरासत में भेज दिया था. इसी आदेश को बुकी और उसके भाई ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है. 

देश का टॉप बुकी है अनिल जयसिंघानी

Advertisement

बता दें कि महाराष्ट्र पुलिस ने बुकी अनिल जयसिंघानी को गुजरात के गोधरा बॉर्डर से अरेस्ट किया था. वो देश का टॉप बुकी है और वो लंबे समय से फरार था. कहा जाता है कि उसके अंडरवर्ल्ड से कनेक्शन भी हैं. उसके खिलाफ 17 केस दर्ज हैं.आरोप है कि अनिल को इन मामलों में छुड़ाने के लिए साजिश के तहत उसकी बेटी अनिक्षा ने डिजायनर बनकर अमृता फडणवीस से दोस्ती की थी. फिर धमकी और ब्लैकमेल किया.

अमृता फडणवीस ने पुलिस में दर्ज कराया था केस

देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने बीते दिनों एक डिजाइनर पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुंबई के मालाबार हिल पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कराया था. अमृता की शिकायत के आधार पर, पुलिस ने 2 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की. अमृता ने आरोप लगाया था कि अनिक्षा नाम की एक महिला डिजाइनर ने उन्हें धमकी दी, साजिश रची और 1 करोड़ की रिश्वत की पेशकश की. अनिक्षा करीब 16 महीने से अमृता के संपर्क में थी. शिकायत में अमृता ने कहा कि उन्हें 18 और 19 फरवरी को अनिक्षा ने एक अज्ञात फोन नंबर से अपने वीडियो क्लिप, वॉयस नोट्स और कई संदेश भेजे. अमृता के मुताबिक, अनिक्षा के पिता भी इस मामले में उसका साथ दे रहे थे. अमृता ने कहा कि वह पहली बार नवंबर 2021 में अनिक्षा से मिली थीं. इसके बाद अनिक्षा से कई बार मुलाकात हुई.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement