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बदलापुर केसः उद्धव ठाकरे कल 2 घंटे तक करेंगे प्रदर्शन, बोले- अदालतें हमें हड़ताल करने से नहीं रोक सकतीं

उद्धव ठाकरे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि एमवीए के नेताओं के साथ बैठकर आगे की कार्रवाई तय करूंगा. अदालतें हमें हड़ताल करने से नहीं रोक सकतीं, यह लोकतांत्रिक अधिकार है. उद्धव ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं, लेकिन कल इस पर सुनवाई नहीं हो सकती. इसलिए मैं इस फैसले को स्वीकार करता हूं.

उद्धव ठाकरे 2 घंटे तक काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन करेंगे (फाइल फोटो) उद्धव ठाकरे 2 घंटे तक काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन करेंगे (फाइल फोटो)
मुस्तफा शेख
  • मुंबई,
  • 23 अगस्त 2024,
  • अपडेटेड 10:16 PM IST

बदलापुर की घटना के विरोध में महाराष्ट्र में विपक्षी दलों (MVA) ने कल यानी 24 अगस्त को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया था, लेकिन बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस बंद को असंवैधानिक बताया है. लिहाजा विपक्षी दलों ने 'महाराष्ट्र बंद' वापस ले लिया है. इस घटनाक्रम के बाद शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि मैं कल सुबह 11 बजे सेना भवन के बाहर सड़क पर बैठकर काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन करूंगा. उन्होंने कहा कि मैं बंद वापस ले रहा हूं, लेकिन मुझे काली पट्टी बांधने से कोई नहीं रोक सकता.

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उद्धव ठाकरे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि एमवीए के नेताओं के साथ बैठकर आगे की कार्रवाई तय करूंगा. अदालतें हमें हड़ताल करने से नहीं रोक सकतीं, यह लोकतांत्रिक अधिकार है. हम अदालत के फैसले को स्वीकार नहीं करते.

उद्धव ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं, लेकिन कल इस पर सुनवाई नहीं हो सकती. इसलिए मैं इस फैसले को स्वीकार करता हूं. लेकिन हम लोगों से अपील करेंगे कि वे सड़कों पर जाकर बैठें और मुंह पर काली पट्टी बांधें. काला झंडा लेकर जाएं. उद्धव ने कहा कि मैं 2 घंटे तक विरोध प्रदर्शन करूंगा.

कोर्ट के आदेश के तुरंत बाद शरद पवार ने एक पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि बदलापुर की घटना के मद्देनजर 24 अगस्त 2024 को राज्यव्यापी सार्वजनिक बंद का आह्वान किया गया था. यह सरकार का ध्यान इस केस की ओर आकर्षित करने का एक प्रयास था. यह बंद भारत के संविधान के मौलिक अधिकारों के दायरे में था. हालांकि बॉम्बे हाईकोर्ट ने फैसला दिया है कि बंद असंवैधानिक है. अब समय सीमा के कारण सुप्रीम कोर्ट में तत्काल अपील संभव नहीं है. दरअसल, भारतीय न्यायपालिका एक संवैधानिक संस्था है, इसलिए संविधान का सम्मान करते हुए कल के बंद को वापस लेने का अनुरोध किया जाता है. 

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