
महाराष्ट्र के बदलापुर में नाबालिग लड़कियों के रेप के आरोपी अक्षय शिंदे की पुलिस एनकाउंटर में मौत ने लोगों के बीच सनसनी फैला दी है. पुलिस उसे तलोजा जेल से बदलापुर लेकर जा रही थी, जब पुलिस टीम का दावा है कि उसने गन छीनकर फायरिंग शुरू कर दी. इस फायरिंग में पुलिस इंस्पेक्टर संजय शिंदे और सहायक पुलिस इंस्पेक्टर निलेश मोरे घायल हो गए.
गौरतलब है कि पुलिस इंस्पेक्टर संजय शिंदे ने आरोपी को काबू करने की कोशिश में अपनी जान जोखिम में डालते हुए गोली चलाई, जिससे अक्षय शिंदे की मौत हो गई. संजय शिंदे का इतिहास भी बेहद दिलचस्प है. उन्होंने थाने अपराध शाखा की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल में IPS प्रदीप शर्मा के साथ काम किया है.
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एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा के साथ किया काम
मशहूर एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा ने 1983 में पुलिस बल में शामिल होकर अपने करियर के दौरान 100 से ज्यादा अपराधियों का एनकाउंटर किया है. संजय शिंदे उन अधिकारियों में शामिल थे, जिन्होंने गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम के भाई इकबाल कासकर को गिरफ्तार किया था. उन्हें महाराष्ट्र सरकार द्वारा गठित विशेष जांच टीम SIT का हिस्सा बनाया गया है जो बदलापुर रेप मामले की जांच कर रही है.
संजय शिंदे के ईर्द-गिर्द विवाद
संजय शिंदे के नाम पर विवाद भी हैं. पुलिस पूछताछ के दौरान हत्या के आरोपी विजय पालांडे के पुलिस कस्टडी से भागने के मामले में उन पर भी आरोप लगे थे कि उन्होंने उसकी मदद की थी. उनकी वर्दी भी पालांडे की कार में मिली थी. संजय शिंदे को 2014 में मुंबई पुलिस द्वारा दोबारा टीम में शामिल किया गया था.
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सरकार ने लिखी अक्षय शिंदे के एनकाउंटर की कहानी- प्रियंका चतुर्वेदी
इस घटना ने राजनीतिक भूचाल मचा दिया है. विपक्ष ने महायूति सरकार पर आरोप लगाया है कि उन्होंने आरोपी को कोर्ट में पेश होने से पहले ही मार दिया, जिससे पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिल सकेगा. शिवसेना (यूबीटी) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने अपना विरोध जताया और कहा कि यह सरकार की अक्षमता को दर्शाता है और यह सिर्फ एक कहानी है जिसे सरकार ने लिखा और कार्यान्वित किया है.