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बाल ठाकरे की विरासत के लिए उद्धव-शिंदे में ठनी, जयंती पर दोनों गुट के अलग-अलग कार्यक्रम

बाल ठाकरे की 97वीं जयंती पर शिवसेना के दोनों गुटों ने अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए हैं. मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाला गुट राज्य विधानमंडल के केंद्रीय कक्ष में बाल ठाकरे के चित्र का अनावरण करेगा. बाल ठाकरे के चित्र के अनावरण के लिए राज्य सरकार द्वारा उद्धव ठाकरे को भी न्यौता भेजा गया था, लेकिन उन्होंने समारोह में हिस्सा नहीं लिया है.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सोमवार को मुंबई के फोर्ट इलाके में डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी चौक पर बाल ठाकरे की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सोमवार को मुंबई के फोर्ट इलाके में डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी चौक पर बाल ठाकरे की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया.
मुस्तफा शेख
  • मुंबई,
  • 23 जनवरी 2023,
  • अपडेटेड 5:13 PM IST

महाराष्ट्र में शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे की राजनीतिक विरासत को लेकर शिंदे और उद्धव गुट के बीच लड़ाई अभी थमी नहीं है. बाल ठाकरे की 97वीं जयंती पर शिवसेना के दोनों गुटों ने अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए हैं. मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाला गुट राज्य विधानमंडल के केंद्रीय कक्ष में बाल ठाकरे के चित्र का अनावरण करेगा. बाल ठाकरे के चित्र के अनावरण के लिए राज्य सरकार द्वारा उद्धव ठाकरे को भी न्यौता भेजा गया था, लेकिन उन्होंने समारोह में हिस्सा नहीं लिया है. उद्धव कोलाबा के रीगल सर्कल में स्थापित बाल ठाकरे की आदमकद प्रतिमा पर पिता को श्रद्धांजलि देंगे और फिर सायन में शनमुखानंद हॉल में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे.

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शिवसेना अध्यक्ष के रूप में उद्धव का कार्यकाल भी सोमवार को समाप्त हो रहा है. चुनाव आयोग के सामने शिवसेना को नियंत्रित करने की चल रही लड़ाई के कारण उनका फिर से चुनाव संभव नहीं हो पाया है. जबकि उद्धव के नेतृत्व वाले UBT गुट ने आयोग से चुनाव कराने की अनुमति मांगी थी. हालांकि, अभी तक पोल पैनल से अनुमति नहीं मिली है.

बीएमसी चुनाव से पहले उद्धव ने किया गठबंधन

आगामी बीएमसी चुनावों के लिए शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और वंचित बहुजन अघाड़ी (VBA) प्रमुख प्रकाश अंबेडकर ने गठबंधन की घोषणा की है. शिवसेना के विभाजन के बाद BMC का पहला चुनाव होगा. गठबंधन के बाद प्रकाश अंबेडकर ने कहा कि उनके लिए राष्ट्र पहले है. उन्होंने हम राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने और जमीनी स्तर पर लोगों की चिंताओं को दूर करने के लिए एक साथ आए हैं. हम उनसे BMC चुनाव की घोषणा करने की अपील की है, ताकि हम दिखा सकें कि एमवीए में सीटों का बंटवारा कैसे होगा.

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वहीं, बालासाहेबची शिवसेना के नेता आनंदराव अडसुल ने बताया कि उन्होंने उद्धव ठाकरे की शिवसेना क्यों छोड़ी? उन्होंने कहा- मैं इसके लिए ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ 1857 के विद्रोह की तुलना करूंगा. मैंने अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई थी.

 

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