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BMW हिट-एंड-रन केसः बॉम्बे हाईकोर्ट ने मिहिर शाह और उनके ड्राइवर की याचिका खारिज की, गिरफ्तारी को दी थी चुनौती

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को मिहिर शाह और उनके ड्राइवर राजऋषि बिंदावत की ओर से दाखिल की गई उन याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिनमें उन्होंने 7 जुलाई को वर्ली में हुई BMW हिट-एंड-रन दुर्घटना के मामले में अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी थी. इस हादसे में एक महिला की मौत हो गई थी.

बॉम्बे हाई कोर्ट ने खारिज की याचिकाएं. (प्रतीकात्मक तस्वीर) बॉम्बे हाई कोर्ट ने खारिज की याचिकाएं. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
विद्या
  • नई दिल्ली,
  • 25 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 3:47 PM IST

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को मिहिर शाह और उनके ड्राइवर राजऋषि बिंदावत की ओर से दाखिल की गई उन याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिनमें उन्होंने 7 जुलाई को वर्ली में हुई BMW हिट-एंड-रन दुर्घटना के मामले में अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी थी. इस हादसे में एक महिला की मौत हो गई थी.

जस्टिस भारती दांगरे और मंजुषा देशपांडे की पीठ ने कहा, 'दोनों याचिकाएं खारिज की जाती हैं.' इस मामले में विस्तृत आदेश अभी उपलब्ध नहीं कराया गया है.

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बता दें कि 24 वर्षीय मिहिर शाह शिवसेना नेता राजेश शाह के बेटे हैं, जो मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से जुड़े हुए हैं. इस मामले में राजेश शाह को भी गिरफ्तार किया गया था लेकिन बाद में उन्हें जमानत मिल गई, लेकिन उनके बेटे और ड्राइवर अब भी न्यायिक हिरासत में हैं.

कोर्ट में दाखिल की थी याचिका

दोनों आरोपियों ने हाईकोर्ट में यह तर्क दिया था कि पुलिस ने उन्हें गिरफ्तारी के कारणों के बारे में लिखित जानकारी नहीं दी, जो कि भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 50 के तहत अनिवार्य है, और उनके मूलभूत अधिकारों का उल्लंघन हुआ है. उन्होंने रिमांड आदेश को रद्द करने और तत्काल रिहाई की मांग की थी.

इसके जवाब में पीठ ने यह सवाल उठाया कि क्या आरोपियों को गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी देना जरूरी था, जबकि उन्हें "रंगे हाथ" पकड़ा गया था.

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यह भी पढ़ें: मुंबई हिट एंड रन केस में वर्ली पुलिस का बड़ा एक्शन, लंबी पूछताछ के बाद दो लोग गिरफ्तार

कोर्ट ने क्या तर्क दिया...

सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा, 'हम समझते हैं कि गिरफ्तारी के कारणों के बारे में बताया जाना चाहिए. लेकिन परिस्थितियां यह साफतौर पर बताती हैं कि आप उस कार में थे, जिसने दुर्घटना की. आप कैसे कह सकते हैं कि गिरफ्तारी के कारणों के बारे में न बताया जाना गिरफ्तारी को गलत ठहराता है? हमारे अनुसार, यह एक मात्र औपचारिकता है. आपने महिला को टक्कर मारी, आपने अपनी कार्ड स्वाइप करने के लिए दी और फिर आपको गिरफ्तार कर लिया गया. इससे यह साफ होता है कि आप जानते थे कि आपको किस कारण से गिरफ्तार किया जा रहा है.'

पीठ ने यह भी कहा कि आगे यह ध्यान दिया जाएगा कि क्या ऐसी क्रूरता के मामलों में जब सबूत स्पष्ट रूप से आरोपियों की संलिप्तता को दर्शाते हैं, तो गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी देना आवश्यक है या नहीं.

क्या है पूरा मामला

दरअसल, मिहिर शाह पर आरोप है कि उन्होंने अपनी BMW से एक स्कूटी सवार महिला कावेरी नाखवा को टक्कर मारी और करीब दो किलोमीटर तक घसीटते हुए ले गए. नाखवा की इस घटना में मौत हो गई, जबकि उनके पति प्रदीप को चोटें आईं थीं.

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