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गुलशन कुमार हत्याकांड में आरोपी रह चुका ड्रग तस्कर ठाणे में गिरफ्तार, अब्दुल रऊफ मर्चेंट का भाई है इम्तियाज मर्चेंट

2 अगस्त 1997 को टी सीरीज के मालिक गुलशन कुमार की मुंबई में जीत नगर में एक मंदिर के सामने गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. 2002 में मुंबई की सेशन कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए अब्दुल रऊफ को दोषी पाया था, जबकि अब्दुल राशिद को बरी कर दिया था.

प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 27 जुलाई 2024,
  • अपडेटेड 11:56 PM IST

ठाणे जिले की मुंब्रा पुलिस ने 1997 के गुलशन कुमार हत्याकांड में पूर्व आरोपी ड्रग तस्कर को मेफेड्रोन या एमडी रखने के आरोप में गिरफ्तार किया है. एक अधिकारी ने बताया कि इम्तियाज मर्चेंट को कथित तौर पर 60 ग्राम एमडी के साथ पकड़ा गया है. वह गुलशन कुमार हत्याकांड के मुख्य दोषी अब्दुल रऊफ मर्चेंट का भाई है.

मुंब्रा पुलिस के वरिष्ठ निरीक्षक अनिल शिंदे ने बताया कि इम्तियाज खुद भी 1997 में टी-सीरीज के संस्थापक की हत्या के कुख्यात मामले में आरोपी था, लेकिन उसे बरी कर दिया गया था. अधिकारी ने बताया कि वह मुंब्रा और दैघर पुलिस थानों की सीमा में लंबे समय से कथित तौर पर ड्रग्स बेच रहा था. उन्होंने बताया कि नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है.

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दरअसल, 12 अगस्त 1997 को टी सीरीज के मालिक गुलशन कुमार की मुंबई में जीत नगर में एक मंदिर के सामने गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. 2002 में मुंबई की सेशन कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए अब्दुल रऊफ को दोषी पाया था, जबकि अब्दुल राशिद को बरी कर दिया था.

हालांकि, 2021 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने अब्दुल रऊफ की सजा को बरकरार रखा था, साथ ही अब्दुल राशिद को बरी करने के निचली अदालत के फैसले को भी पलट दिया था. कोर्ट ने कहा था कि अब्दुल राशिद शूट आउट में हिस्सा लेने वाले हत्यारों में से एक था.

पैरोल से भागा था अब्दुल रऊफ
अब्दुल रऊफ को गुलशन कुमार हत्या के केस में दोषी ठहराया था. अप्रैल 2002 में उसे उम्रकैद की सजा मिली थी. फिर 2009 में वह पैरोल लेकर बाहर आया और बांग्लादेश भाग गया. फिर बाद में उसे बांग्लादेश से भारत लाया गया था.

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