Advertisement

ED ने शरद पवार के करीबी सहयोगी की 315 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां कुर्क कीं

कुर्क की गई चल और अचल संपत्तियों में प्रमोटर्स पूर्व राज्यसभा सांसद ईश्वरलाल शंकरलाल जैन लालवानी, जो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) से जुड़े थे, और उनके बेटे मनीष ईश्वरलाल जैन लालवानी और अन्य द्वारा अर्जित बेनामी संपत्तियां शामिल हैं.

ED ने शरद पवार के करीबी सहयोगी की 315 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां कुर्क कीं ED ने शरद पवार के करीबी सहयोगी की 315 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां कुर्क कीं
दिव्येश सिंह
  • मुंबई,
  • 15 अक्टूबर 2023,
  • अपडेटेड 4:55 PM IST

राकांपा सुप्रीमो शरद पवार के करीबी सहयोगी और पूर्व राज्यसभा सांसद ईश्वरलाल जैन और अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जलगांव, मुंबई, ठाणे, सिल्लोड और कच्छ सहित अन्य क्षेत्रों में स्थित 70 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है. और चल संपत्ति जैसे पवन चक्कियां, चांदी और हीरे के आभूषण/बुलियन और भारतीय मुद्रा, बैंक धोखाधड़ी मामले में सभी संपत्तियों का मूल्य 315.60 करोड़ रुपये है. 

Advertisement

बैंक धोखाधड़ी का मामला मेसर्स राजमल लखीचंद ज्वैलर्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ है. ईश्वरलाल जैन से संबंधित लिमिटेड, मेसर्स आर एल गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड, और मैसर्स मनराज ज्वैलर्स प्रा. लिमिटेड और अन्य के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत कार्रवाई की गई और कुर्की 13.10.2023 को हुई.

कुर्क की गई चल और अचल संपत्तियों में प्रमोटर्स पूर्व राज्यसभा सांसद ईश्वरलाल शंकरलाल जैन लालवानी, जो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) से जुड़े थे, और उनके बेटे मनीष ईश्वरलाल जैन लालवानी और अन्य द्वारा अर्जित बेनामी संपत्तियां शामिल हैं.

ईडी ने आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत सीबीआई द्वारा दर्ज की गई 3 एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की, जिसमें आरोप लगाया गया कि कंपनियां और उसके निदेशक/प्रमोटर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक कदाचार के अपराधों में शामिल थे, जिससे गलत तरीके से भारतीय स्टेट बैंक को 352.49 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ. 

Advertisement

ईडी की जांच से पता चला कि प्रमोटरों ने लोन लेने के लिए फर्जी वित्तीय डिटेल प्रस्तुत किए थे. प्रमोटर कंपनियों के लेखा परीक्षकों की मिलीभगत से, रियल एस्टेट संपत्तियों में निवेश के लिए लोन की आय को निकालने के लिए आरोपी कंपनियों के खातों की किताबों में फर्जी बिक्री खरीद लेनदेन की बुकिंग और फर्जी बिक्री खरीद लेनदेन की बुकिंग करने के लिए लेन-देन की राउंड ट्रिपिंग में भी लगे हुए थे.

इससे पहले, ईडी ने जलगांव, नासिक और ठाणे (महाराष्ट्र) में राजमल लखीचंद समूह के 13 आधिकारिक और आवासीय परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया था और विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेजों के साथ सोने, चांदी और हीरे के आभूषण/सराफा और नकदी में भारतीय मुद्रा जब्त की थी. खोज और खोज के बाद के जांच निष्कर्षों से किताबों में सराफा और सोने के आभूषणों के फर्जी स्टॉक/गायब स्टॉक, शेल कंपनियों के उपयोग, डमी निदेशकों के रोजगार आदि का पता चला है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement