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'सरकार में शामिल नहीं होना चाहते थे एकनाथ शिंदे, लेकिन....', बोले शिवसेना उदय सामंत

भाजपा नीत महायुति गठबंधन को विधानसभा चुनावों में भारी जीत मिलने के दो सप्ताह बाद गुरुवार को देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, जबकि शिंदे और राकांपा प्रमुख अजित पवार ने उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.

उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 07 दिसंबर 2024,
  • अपडेटेड 7:55 AM IST

महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में नई सरकार का गठन हो चुका है. इस बीच उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की नाराजगी की खबरें लगातार सामने आ रही हैं. शिवसेना नेता उदय सामंत ने शुक्रवार को कहा कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे नई महाराष्ट्र सरकार में शामिल नहीं होना चाहते थे और इसके बजाय अपनी पार्टी को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहते थे. 

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उदय सामंत ने कहा कि शिवसेना प्रमुख शिंदे, जो पिछली महायुति सरकार में मुख्यमंत्री थे, वह पार्टी नेताओं की मांग के कारण नरम पड़ गए.

सामंत ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "एकनाथ शिंदे उपमुख्यमंत्री बनने के इच्छुक नहीं थे. पार्टी के विधायकों और नेताओं ने जोर देकर कहा कि उन्हें सरकार का हिस्सा होना चाहिए क्योंकि यह सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी है कि उनके द्वारा शुरू की गई योजनाओं को आगे बढ़ाया जाए." 

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संगठन पर करना चाहते थे फोकस

उन्होंने कहा कि गुरुवार को शपथ ग्रहण समारोह के बाद शिंदे ने पार्टी कार्यालय में शिवसेना नेताओं से बात की. सामंत ने कहा, "उन्होंने हमें बताया कि वह संगठन बनाना चाहते हैं लेकिन उन्होंने हमारे अनुरोध का सम्मान किया." भाजपा नीत महायुति गठबंधन को विधानसभा चुनावों में भारी जीत मिलने के दो सप्ताह बाद गुरुवार को देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, जबकि शिंदे और राकांपा प्रमुख अजित पवार ने उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.

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'सब मिलकर चलाएंगे सरकार'
बुधवार सुबह बीजेपी विधायक दल की बैठक में सीएम चेहरे के लिए देवेंद्र फडणवीस के नाम पर मुहर लगी. उसके बाद महायुति नेताओं की बैठक हुई और फडणवीस के नाम समर्थन पत्र तैयार किया गया. शिंदे, पवार और फडणवीस राजभवन पहुंचे और राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन के सामने सरकार बनाने का दावा पेश किया. उसके बाद तीनों नेताओं ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की.एकनाथ शिंदे ने कहा, '2022 में इसी जगह फडणवीस ने मेरे नाम (सीएम पद के लिए) का प्रस्ताव रखा था और आज मैं भी इसी जगह फडणवीस के नाम का प्रस्ताव रख रहा हूं.' फडणवीस ने कहा, 'मुख्यमंत्री का पद एक तकनीकी व्यवस्था है. हम तीनों मिलकर सरकार चलाएंगे.'

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क्या बोले फडणवीस
इससे पहले आज तक के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत में देवेंद्र फडणवीस ने कहा था,'शिंदेजी की एक आदत है कि वह बहुत ही शांति और संयम के साथ लोगों की बातें सुनते हैं. सबसे बातचीत भी करते हैं. जब टिकटों का बंटवारा हो रहा था तब भी अंतिम समय तक उनकी चर्चाएं चलती रहती थीं. लेकिन सरकार में शामिल होने को लेकर उनका फैसला हमारी पहली मीटिंग के बाद ही पक्का हो गया था.'

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फडणवीस से जब मंत्रालय को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि चर्चाएं चल रही हैं. मंत्रालय बंटवारे के नंबर करीब-करीब हमने तय कर लिए हैं. हालांकि, उन्होंने तय किए गए नंबर बताने से इनकार कर दिया. 


 

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