
महाराष्ट्र में विधानसभा चुनावों से पहले आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है. सूबे के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख ने वर्तमान डिप्टी सीएम पर बड़ा आरोप लगाया है. देशमुख का कहना है कि उनके पास देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ पेन ड्राइव में कई सबूत हैं. अगर फडणवीस उन्हें चैलेंज करेंगे तो वह सबूतों का खुलासा कर देंगे.
अनिल देशमुख ने कहा,'तीन साल पहले देवेंद्र फडणवीस ने उन्हें उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे, अनिल परब और अजित पवार के खिलाफ झूठे आरोप लगाकर एफिडेविट करने के लिए कहा था. मैंने वो करने से इनकार कर दिया था. मेरे इनकार करने के चलते ही मेरे पीछे ED, CBI लगाकर मुझे 13 महीने जेल में रखा गया.'
हाई कोर्ट ने दिया था FIR का आदेश
अनिल देशमुख के आरोपों पर देवेंद्र फडणवीस ने भी पलटवार किया है. उन्होंने कहा है कि अनिल देशमुख के खिलाफ हाई कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था. उनके पास ऑडियो-वीडियो की कई क्लिप हैं, जिसमें अनिल देशमुख ने उद्धव ठाकरे को क्या-क्या बोला था. शरद पवार को भी क्या कुछ कहा गया था. फडणवीस ने आगे कहा कि बार-बार झूठ बोलकर नैरेटिव सेट किया जाएगा तो देवेंद्र फडणवीस फिर सबूत के सिवाय बात नहीं करेंगे.
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का भी आया बयान
अनिल देशमुख के आरोपों पर महाराष्ट्र कांग्रेस चीफ नाना पटोले का भी बयान आया है. उन्होंने कहा,'जो अनिल देशमुख कह रहे हैं वो सच ही होगा. मोदी सरकार आने के बाद एजेंसियों का गलत उपयोग किया गया है. जो इनके साथ होते हैं, वहां एजेंसी कुछ नहीं करती हैं. फडणवीस के पास अगर कोई सबूत है तो उन्हें जारी करना चाहिए.'
आरोपों की होनी चाहिए जांच: प्रियंका
इन आरोप-प्रत्यारोपों पर शिवसेना (UBT) से सासंद प्रियंका चतुर्वेदी का भी बयान आया है. प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा है कि देवेंद्र फडणवीस का मुखौटा उतर गया है. सत्ता में आने के लिए आप किसी भी स्तर तक गिर सकते हैं, जिसमें चरित्र हनन भी शामिल है. इस प्रकरण में देवेंद्र फडणवीस की भूमिका की जांच होनी चाहिए. अगर फडणवीस के पास सबूत हैं (उद्धव ठाकरे और एनसीपी-एसपी के खिलाफ) तो उन्हें पुलिस के पास जाना चाहिए और उन्हें सौंप देना चाहिए. इन सबूतों को अपनी पसंदीदा एजेंसियों ईडी-सीबीआई को दे देना चाहिए.