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फडणवीस ने माना, चुनौती थी तीन दलों वाले MVA की ताकत, इसलिए तुड़वाया उनका गठबंधन

महाराष्ट्र में सियासी उथल-पुथल के बाद बैठकों का दौर जारी है. डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार रात को प्रदेश बीजेपी नेताओं सभी बीजेपी विधायकों और एमएलसी की बैठक को संबोधित किया. इसके बाद उन्होंने सीएम शिंदे के साथ भी लंबी बैठक की.

बीजेपी विधायकों की बैठक में पहुंचे डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस बीजेपी विधायकों की बैठक में पहुंचे डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस
ऋत्विक भालेकर
  • मुंबई,
  • 08 जुलाई 2023,
  • अपडेटेड 7:32 AM IST

अजित पवार की बगावत के बाद महाराष्ट्र की सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं. एनसीपी ही नहीं बल्किन अन्य दलों में भी बैठकों का दौर जारी है. शुक्रवार रात को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पहले पार्टी नेताओं, विधायकों और विधान परिषद के सदस्यों के साथ बैठक की और फिर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मिलने रात 11 बजे उनके आवास वर्षा पर पहुंचे. यहां सीएम और डिप्टी सीएम के बीच दो घंटे से भी अधिक समय तक बैठक चली और रात करीब 1.15 बजे फडणवीस घर से बाहर निकले.

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मुख्यमंत्री आवास निकलने के बाद उन्होंने मीडिया से कोई बात नही की, कयास लगाया जा रहा है कि मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री से मीटिंग की गई. हालांकि चर्चा ये भी थी कि नए उपमुख्यमंत्री अजित पवार भी इस मीटिंग में शामिल हो सकते है लेकिन वो नही आये.

बीजेपी नेताओं संग फडणवीस की बैठक

इससे पहले फडणवीस और प्रदेश बीजेपी नेताओं ने शुक्रवार रात मुंबई के गरवारे क्लब में सभी बीजेपी विधायकों और एमएलसी के साथ बैठक की और उन्हें संबोधित किया. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेता अजित पवार के शिंदे-फडणवीस सरकार में शामिल होने के बाद हुई पहली बैठक में डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने बीजेपी विधायकों से कहा, 'हम पार्टियां नहीं तोड़ते हैं, लेकिन अगर कोई पीएम मोदी के नेतृत्व में विश्वास करते हुए हमारे साथ आना चाहता है, तो हमें उनका स्वागत करना चाहिए.'

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फडणवीस का कबूलनामा

 सूत्रों के मुताबिक, डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में अंकगणित की राजनीति करना जरूरी है. अगर हम आगामी लोकसभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं तो हमें अपने गठबंधन में नए सहयोगियों का स्वागत करना होगा.साथ ही, फडणवीस ने कबूल किया कि तीन दलों वाले महा विकास अघाड़ी (एमवीए) गठबंधन की ताकत हमारे लिए खतरा है. इसलिए, हमें केंद्र और राज्य सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों और लोकप्रिय योजनाओं के बावजूद उनके गठबंधन को तोड़ना पड़ा. उन्होंने कहा कि यह समय पार्टी की बेहतरी के लिए बलिदान देने का है. हालाँकि, उन्होंने आश्वासन दिया कि निकट भविष्य में इन बलिदानों का प्रतिफल अवश्य मिलेगा.

सीट बंटवारे को लेकर कही बड़ी बात

फड़णवीस ने अपील की कि किसी भी कीमत पर हमें 2019 के विधानसभा चुनाव में जीते हमारे विधायकों की संख्या 105 को बरकरार रखना होगा और इसमें बढ़ोतरी करनी होगी. हम सभी को आगामी चुनाव में मोदी जी को देश का प्रधानमंत्री बनाने के लिए अपना खून-पसीना एक करना होगा. फडणवीस ने समझाया कि सीट बंटवारे और विभागों के बंटवारे की समस्याओं को पार्टी के वरिष्ठ लोग निपटाएंगे. विशेष रूप से, पश्चिमी महाराष्ट्र में जहां एनसीपी मजबूत है, हम राजनीतिक अंकगणित में फिट होने के लिए लोकसभा और विधानसभा के उम्मीदवारों की अदला-बदली कर सकते हैं.

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