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महाराष्ट्र: लोकसभा चुनाव में पंकजा मुंडे की हार से परेशान समर्थक, बीड में चार युवकों ने की आत्महत्या

लोकसभा चुनाव में बीड लोकसभा महायुति की उम्मीदवार पंकजा मुंडे हार गई हैं. महाविकास अघाड़ी के उम्मीदवार बजरंग सोनवणे और पंकजा मुंडे के बीच सीधी टक्कर देखने को मिली. बीड लोकसभा क्षेत्र में 15 लाख 19 हजार 523 मतदाताओं ने मतदान किया. चुनाव में पंकजा मुंडे 6 हजार 553 वोटों से हार गईं. फैसला 4 जून को सुनाया गया. उसके बाद पंकजा मुंडे की हार के वजह से युवा आत्महत्या करने लगे.

पंकजा मुंडे की हार से आहात कई युवकों ने आत्महत्या कर ली (फाइल फोटो) पंकजा मुंडे की हार से आहात कई युवकों ने आत्महत्या कर ली (फाइल फोटो)
रोहिदास हातागले
  • बीड,
  • 17 जून 2024,
  • अपडेटेड 10:30 PM IST

महाराष्ट्र की बीड लोकसभा सीट से पंकजा मुंडे हारने की वजह से अभी तक चार लोगों ने आत्महत्या कर ली है. पंकजा मुंडे आज सोमवार को बीड में आत्महत्या करने वाले युवकों के परिवारों से मुलाकात कर ही रही थीं कि जिले के एक और युवा ने आत्महत्या कर ली.  आत्महत्या करने वाले युवक का नाम गणेश (उर्फ) हरिभाऊ भाऊसाहेब बड़े (उम्र 35) है, जो वारनी, शिरूर कसार का रहने वाला है. कुछ दिन पहले पंकजा मुंडे ने अपने कार्यकर्ताओं से आत्महत्या जैसा कदम न उठाने का अनुरोध किया था. तब उन्होंने कहा था, "मैं तुम्हें कसम देती हूं, अपना जीवन बर्बाद मत करो". 

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दरअसल, इस लोकसभा चुनाव में बीड लोकसभा महायुति की उम्मीदवार पंकजा मुंडे हार गई हैं. महाविकास अघाड़ी के उम्मीदवार बजरंग सोनवणे और पंकजा मुंडे के बीच सीधी टक्कर देखने को मिली. बीड लोकसभा क्षेत्र में 15 लाख 19 हजार 523 मतदाताओं ने मतदान किया. चुनाव में पंकजा मुंडे 6 हजार 553 वोटों से हार गईं. फैसला 4 जून को सुनाया गया. उसके बाद पंकजा मुंडे की हार के वजह से युवा आत्महत्या करने लगे.

पंकजा मुंडे की हार के कारण सचिन कोंडीबा मुंडे (उम्र 30, निवासी येस्टार, निवासी अहमदपुर, जिला लातूर), पांडुरंग रामभाऊ सोनवणे (निवास डीघोल अंबा ,अंबाजोगाई जिला बीड), पोपट वैभसे (निवासी चिंचवाड़ी), आष्टी जिला बीड) और गणेश (उर्फ) हरिभाऊ भाऊसाहेब बड़े (उम्र 35, निवासी वारनी, शिरूर कसार जिल्हा बीड) ने आत्महत्या कर ली. 

इस पर पंकजा मुंडे ने कहा कि मेरा मानना ​​है कि किसी को भी किसी नेता से इतना प्यार नहीं करना चाहिए कि वो उसके लिए अपनी जान दे दे. अगर आपको साहस से लड़ने वाला नेता चाहिए तो मुझे भी साहस से लड़ने वाला कार्यकर्ता चाहिए. अब अगर किसी ने मेरी लिए जान दी तो मैं राजनीति छोड़ दूंगी. क्योंकि, मुझे लगता है कि राजनीति के कारण ऐसा हो रहा है. मैं हारी हुई नहीं हूं, लेकिन इस तरह की चीजें मुझे झकझोर देती हैं. मैं खुद इस घटना से बहुत परेशान हूं. 

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