
कोरोना वायरस के महासंकट के बीच कई त्योहार धूमधाम से नहीं मनाए जा रहे हैं. महाराष्ट्र में गणेश चतुर्थी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है, लेकिन इस बार कोरोना संकट का साया है. ऐसे में महाराष्ट्र सरकार ने लोगों से अपील की है कि लोग त्योहार के दौरान भीड़ ना जुटाएं और कम से कम ताम-झाम के साथ जश्न मनाएं.
शनिवार को गणेश चतुर्थी है, ऐसे में लोग अपने घर गणेश मूर्ति की स्थापना करते हैं. महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने लोगों से अपील की है कि मुस्लिम लोग भी इस बार मुहर्रम के दौरान भीड़ ना जुटाएं और साधारण तरीके से ही इसे मनाएं.
सरकार की ओर से गणेश चतुर्थी के मद्देनज़र गाइडलाइन्स भी जारी की गई हैं, जिसके तहत गणेश मूर्ति की ऊंचाई चार फीट से अधिक नहीं रखी जा सकती है. साथ ही जो स्थानीय मंडल मूर्ति स्थापित करते हैं उन्हें स्थानीय प्रशासन से इजाजत लेनी होगी और उसके मुताबिक ही आगे बढ़ना होगा.
हालांकि, सरकार की ओर से अपील की गई है कि लोग इस बार सार्वजनिक स्थलों या फिर अपने घर पर जोर-शोर से तैयारियां ना करें, ताकि कम से कम भीड़ इकट्ठी हो पाए. साथ ही मूर्ति को लेकर गाइडलाइन्स में कहा गया है कि लोग मार्बल या अन्य तरह की मूर्ति लगाएं, अगर मिट्टी की मूर्ति लगानी है तो उसे घर में ही विसर्जित करना होगा. अगर घर में सुविधा ना हो तो पास के किसी तलाब में विसर्जित किया जा सकता है.
गौरतलब है कि कोरोना वायरस का सबसे अधिक संकट महाराष्ट्र में ही है, ऐसे में सरकार की ओर से लगातार लोगों को सतर्क रहने को कहा जा रहा है. खासकर ऐसे त्योहारों के वक्त में जब अधिक भीड़ एकत्रित होने की चिंता रहती है.