
महाराष्ट्र में नई सरकार बनने के तीन महीने बाद भी कई नवनिर्वाचित विधायकों को मुंबई स्थित विधायक आवास में ठिकाना नहीं मिल पाया है. इसकी वजह ये है कि कई पूर्व विधायकों और वर्तमान सरकार में मंत्रियों ने विधायक आवास खाली करने से इनकार कर दिया है. हालांकि विधानसभा सचिवालय की ओर से उन्हें नोटिस भी भेजे जा चुके हैं.
ठिकाना खाली न करने वाले नेताओं में कई बड़े नाम शामिल हैं, जिनमें गिरीश महाजन (जल संसाधन मंत्री), संजय सावकारे (वस्त्र मंत्री), मकरंद पाटिल (राहत और पुनर्वास मंत्री), बाबासाहेब पाटिल (सहकारिता मंत्री), पंकज भोयर (गृहराज्य मंत्री - ग्रामीण) और योगेश कदम (गृहराज्य मंत्री- शहरी) प्रमुख हैं.
मंत्रियों ने गिनाईं समस्याएं
एक ओर नवनिर्वाचित विधायक अपने आवंटित कमरे न मिलने से परेशान हैं, वहीं, मंत्रियों के कार्यालयों से भी शिकायतें आ रही हैं कि उन्हें जो आवास दिए गए हैं, वे ठीक से सुसज्जित नहीं हैं और वहां अभी मरम्मत और नवीनीकरण का काम चल रहा है. इसी वजह से वह विधायक आवास खाली नहीं कर पा रहे हैं.
आवास के लिए कतार और विवाद
आवास को लेकर कई विधायक संबंधित अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, वहीं, कुछ मामलों में तो एक ही कमरे के लिए विधायकों के बीच विवाद भी हो रहा है.
बजट सत्र से पहले समाधान की जरूरत
महाराष्ट्र में नई सरकार की इस धीमी सत्ता हस्तांतरण प्रक्रिया ने कई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं. मार्च के पहले सप्ताह से बजट सत्र शुरू होने वाला है, जो लगभग दो हफ्तों तक चलेगा. ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस जरूरी मुद्दे को कैसे हल करती है, ताकि विधायकों का कामकाज सुचारू रूप से चल सके.