
महाराष्ट्र के लोनावला में बुजुर्ग दंपति की हत्या के मामले में 30 साल से फरार एक आरोपी को मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है. आरोपी कई सालों से अपना नाम और पहचान छुपा कर विक्रोली इलाके में रह रहा था.
गिरफ्तार आरोपी का नाम अविनाश भीमराव पवार (49 साल) है और वह विक्रोली इलाके में टूरिस्ट ड्राइवर के तौर पर काम कर रहा था. वो बीते तीन दशक से फरार था. जानकारी के अनुसार लोनावला सत्यम सोसायटी में रहने वाले एक बुजुर्ग दंपति की घर में घुस कर हत्या कर दी गई थी.
धनराज ठाकरसी कुर्वा (उम्र- 55 साल) और उनकी पत्नी धनलक्ष्मी धनराज कुर्वा (उम्र- 50 साल) के घर में घुसकर रस्सी से गला घोंट और फिर धारदार हथियार से हमला कर दोनों की हत्या कर दी गई थी.
इस मामले में लोनावाला सिटी पुलिस ने अमोल जॉन काले उर्फ टिल्लू और विजय अरुण देसाई दोनों को गिरफ्तार कर लिया था लेकिन मुख्य आरोपी अविनाश भीमराव पवार फरार था. लोनावला पुलिस ने पूरी कोशिश की लेकिन अविनाश नामक आरोपी को खोजने में नाकाम रही.
आरोपी के बारे में मुंबई पुलिस की अपराध शाखा के प्रभारी पुलिस निरीक्षक दयानंद नायक को गुप्त मुखबिरों से सूचना मिली. मुखबिर ने उन्हें बताया कि आरोपी अपना मूल नाम और पहचान बदल कर मुंबई में घूम रहा है.
क्राइम ब्रांच की टीम ने उसे हिरासत में ले लिया और जांच की गई, तो उसने अपना नाम अविनाश भीमराव पवार बताया और लोनावला पुलिस स्टेशन जी.आर. संख्या 80/1993 कांड में अपनी भूमिका स्वीकार की.
वो हत्या के इस मामले में धारा 302, 34 के तहत फरार आरोपी था. उसने यह भी बताया कि अपना नाम बदलकर अमित भीमराज पवार रख लिया है और विक्रोली पूर्व इलाके में रहने लगा था. वो टूरिस्ट ड्राइवर का काम करने लगा था.(इनपुट - शिवशंकर तिवारी)