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महाराष्ट्र पुलिस ने सुधारी गलती, 4 साल पहले हुए रोड एक्सीडेंट केस में चार्जशीट से हटाया मृतक का नाम

एफआईआर में आरोपी के रूप में मृतक सचिन का नाम था और चूंकि उनकी मृत्यु हो चुकी थी इसलिए खेड़ पुलिस ने मजिस्ट्रेट कोर्ट के समक्ष मामले को बंद करने के लिए याचिका दायर की थी. मामले की फिर से जांच करने के हाई कोर्ट के निर्देश के बाद, खेड़ पुलिस ने एक चार्जशीट दायर की थी, जिसे देखकर अदालत ने आश्चर्य व्यक्त किया था क्योंकि चार्जशीट में आरोपी ट्रक चालक के साथ-साथ सचिन का भी नाम था.

(प्रतीकात्मक फोटो) (प्रतीकात्मक फोटो)
विद्या
  • मुंबई,
  • 23 दिसंबर 2024,
  • अपडेटेड 9:14 PM IST

खेड़ हाइवे पर एक रोड एक्सीडेंट में एक स्कूटर सवार की जान जाने के चार साल से अधिक समय बाद, महाराष्ट्र पुलिस ने आखिरकार अपनी गलती सुधार ली है. पुलिस ने 2020 में हुई सड़क दुर्घटना के मामले में पीड़ित स्कूटर चालक के बजाय अब आरोपी ट्रक चालक के खिलाफ चार्जशीट दायर की है.

इससे पहले जस्टिस रेवती मोहिते-डेरे और जस्टिस पृथ्वीराज चव्हाण की बेंच ने मामले की दोबारा जांच करने का निर्देश दिया था. बेंच पीड़ित स्कूटर चालक की मां आशा घाटगे की याचिका पर सुनवाई कर रही थी. 12 सितंबर, 2020 की आधी रात को आशा घाटगे ने अपने बेटे को खो दिया था, जब वह मुंबई-गोवा नेशनल हाइवे पर अपनी एक्टिवा से जा रहे थे.

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सचिन पर लगाया लापरवाही का आरोप

आशा घाटगे की ओर से पेश वकील रेशमा मुथा और संदीप अग्रे ने प्रॉसिक्यूशन के केस की तरफ इशारा किया जिसमें कहा गया था कि 38 वर्षीय सचिन बिना हेलमेट के और लापरवाही से गाड़ी चला रहे थे. वकीलों ने कहा कि प्रॉसिक्यूशन ने आरोप लगाया था कि सचिन तेज गति से और खतरनाक तरीके से गाड़ी चला रहे थे और वह 10-व्हीलर लंबे कंटेनर ट्रक के आखिरी पहिये से टकरा गए थे, जो सड़क के डिवाइडर के पास उल्टी दिशा में खड़ा था. 

सीसीटीवी में कैद हुई घटना

प्रॉसिक्यूशन ने कहा था कि गंभीर चोटों के चलते जान गंवाने वाले सचिन 'अपनी मौत के लिए खुद जिम्मेदार' थे. मुथा ने कहा कि खुद सचिन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था जबकि वह वास्तव में पीड़ित थे क्योंकि पूरी घटना हैप्पी ढाबा के सीसीटीवी कैमरे में दर्ज है. 

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उन्होंने कहा कि 'यह स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि 10-व्हीलर कंटेनर ट्रक लेन की गलत साइड पर रिवर्स ले रहा था और ट्रक की पार्किंग लाइट या इंडिकेटर चालू नहीं थे. दुर्घटना के समय सचिन सही लेन में धीरे-धीरे जा रहे थे.'

पुलिस ने छिपाई ट्रक मालिक और ड्राइवर की पहचान

मुथा ने आगे तर्क दिया कि दुर्घटना के बारे में जानने के बाद भी ट्रक चालक नहीं रुका और पीड़ित को खून से लथपथ हालत में छोड़कर उल्टी दिशा में ही फरार हो गया. मुथा ने आगे कहा कि पुलिस ने जानबूझकर दोषी कंटेनर ट्रक मालिक और चालक की पहचान छिपाई. ट्रक ड्राइवर की लापरवाही के बारे में कोई भी जिक्र नहीं है, शायद दुर्घटना का मुख्य कारण ट्रक की गलत साइड पार्किंग है.'

चार्जशीट में जोड़ा सचिन का नाम

एफआईआर में आरोपी के रूप में सचिन का नाम था और चूंकि उनकी मृत्यु हो चुकी थी इसलिए खेड़ पुलिस ने मजिस्ट्रेट कोर्ट के समक्ष मामले को बंद करने के लिए याचिका दायर की थी. मामले की फिर से जांच करने के हाई कोर्ट के निर्देश के बाद, खेड़ पुलिस ने एक चार्जशीट दायर की थी, जिसे देखकर अदालत ने आश्चर्य व्यक्त किया था क्योंकि चार्जशीट में आरोपी ट्रक चालक के साथ-साथ सचिन का भी नाम था.

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कोर्ट की फटकार के बाद सुधारी गलती

27 नवंबर को हाई कोर्ट ने खेड़ पुलिस को फटकार लगाई और उन्हें गलती सुधारने के लिए दो हफ्ते का समय दिया. आखिर में, खेड़ पुलिस ने कोर्ट में एक और चार्जशीट दायर की जिसमें उन्होंने आरोपी के रूप में सचिन का नाम हटा दिया और केवल ट्रक चालक राजन चौहान को दुर्घटना के लिए जिम्मेदार बताया. मृतक के खिलाफ सभी आरोप औपचारिक रूप से वापस ले लिए गए.

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