Maharashtra Political Crisis Updates: महाराष्ट्र के राजनीतिक संकट में शह और मात का खेल जारी है. एक तरफ बागी नेता एकनाथ शिंदे का गुट लगातार मजबूत होता जा रहा है. दूसरी तरफ विधायक एक-एक करके उद्धव ठाकरे से अलग होते दिख रहे हैं.
बावजूद इसके शिवसेना मजबूत होने का दावा कर रही है. अबतक शिवसेना की तरफ से 16 बागी विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग उठाते हुए डिप्टी स्पीकर को पत्र भेजा गया है. दूसरी तरफ शिंदे खुद को विधायक दल का नेता बता रहे हैं.
कल हुई शिवसेना विधायकों की मीटिंग में पार्टी के सिर्फ 13 MLA पहुंचे थे. जबकि महाराष्ट्र में उनके 55 विधायक हैं. यानी यह साफ हो चला है कि बाकी 42 विधायक शिंदे गुट के साथ हैं. इसमें से 38 विधायक शिंदे के पास गुवाहाटी पहुंच भी चुके हैं. यानी अब शिंदे गुट पर दल-बदल कानून लागू नहीं होगा.
सीएम उद्धव ठाकरे ने कल दोपहर 1 बजे सेना भवन में सेना की सभी राष्ट्रीय कार्यकारिणियों की बैठक बुलाई है. वह वीसी के जरिए इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे. वहीं आदित्य ठाकरे कल शाम 6:30 बजे मरीन लाइंस में बिरला मातोश्री सभागृह में एक जनसभा को संबोधित करेंगे. इसके बाद आदित्य रविवार सुबह 11 बजे सांताक्रूज में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे. इस सभाओं में सभी युवा शिवसैनिकों को शामिल होने के लिए कहा गया है.
महाराष्ट्र के महाधिवक्ता आशुतोष कुंभकोनी को विधानसभा सचिवालय ने मौजूदा राजनीतिक संकट पर कानूनी राय लेने के लिए बुलाया गया. इस दौरान 16 बागी विधायकों की अयोग्यता पर चर्चा होगी, जैसा कि शिवसेना ने अनुरोध किया था.
महाराष्ट्र में चल रही सियासी गहमागहमी के बीच शिवसेना ने कल दोपहर एक बजे राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई है. वहीं अभी मातोश्री में राजनीतिक संकट से उबरने के लिए उद्धव ठाकरे और शरद पवार के बीच आगे की रणनीति को लेकर चर्चा हो रही है.
एक ओर जहां मातोश्री में उद्धव ठाकरे की शरद पवार के साथ बैठक हो रही है. वहीं उनके घर के बाहर सड़क पर हजारों शिवसैनिक उनके समर्थन में जुट गए हैं. वह उद्धव के समर्थन में नारे लगा रहे हैं. शिवसैनिक बैंड-बाजे के साथ उनके घर के बाहर जुट रहे हैं. बसों में भरकर वहां पहुंच रहे हैं.
उद्धव ठाकरे और शरद पवार के बीच चल रही बैठक में नेता संख्या पर समीक्षा होगी और भविष्य के लिए अपनी रणनीति तैयार होगी. एनसीपी सूत्रों का कहना है कि कमोबेश यह स्पष्ट होता जा रहा है कि शिवसेना के अधिकांश विधायक शिंदे के साथ हैं. हर दिन उनकी संख्या बढ़ रही है. एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि मामले को आगे खींचने से फ्लोर टेस्ट की स्थिति में एमवीए को ही शर्मिंदगी उठानी पड़ेगी.
शिवसेना से बागी होकर विधायक दिलीप लांडे आज सुबह मुंबई से गुवाहाटी पहुंच गए. वहीं उनके बागी होने पर शिवसैनिक भड़क गए हैं. मुंबई में उन्होंने दिलीप लांडे के पोस्टर पर कालिख पोत दी. साथ ही उनके पोस्टर फाड़ डाले.
सीएम उद्धव ठाकरे के साथ चर्चा करने के लिए एनसीपी के नेता मातोश्री पहुंच गए हैं. इस बैठक में एनसीपी चीफ शरद पवार के अलावा अजीत पवार, जयंत पाटिल और प्रफुल्ल पटेल भी मौजूद रहेंगे. मालूम हो कि कुछ देर पहले उद्धव ठाकरे ने सेना भवन में शिवसैनिकों के साथ बैठक की थी.
शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने आजतक से कहा कि असली शिवसेना वही जो उद्धव ठाकरे की है. शिंदे के पास 38 शिवसेना विधायक होने के सवाल पर प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि उनके पास कितने विधायक होने के नंबर बार-बार बदल रहे हैं. अगर उनके पास विधायक हैं तो वह फ्लोर पर अपना बहुमत साबित क्यों नहीं करते हैं? और कानून भी यही कहता है. वहीं उन्होंने कहा कि शिंदे कानूनी आधार पर पार्टी के चीफ व्हिप नहीं हैं इसलिए डिप्टी स्पीकर को पत्र लिखने का उनके पास अधिकार नहीं है. वहीं बागी विधायकों के शिवसेना के हिंदुत्व को भूलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पीठ पर छुरा मारने वालों की सोच कभी हिंदुत्व की सोच नहीं हो सकती.
महाराष्ट्र में चल रहे राजनीतिक उठापटक के बीच महाराष्ट्र नव निर्माण सेना का एक पोस्टर वायरल हो रहा है. इस पोस्टर के जरिए उसने मौजूदा रानीतिक हालात पर शिवसेना की चुटकी ली. उसने पोस्टर लगा कर शिवसेना से पूछा कि अब कैसा लग रहा है आपको. यह पोस्टर मुंबई के साकीनाका इलाके में लगाया गया है. इस तंज के पीछे एक कारण यह है कि कुछ साल पहले शिवसेना ने MNS पार्षद को अपनी ओर खींच लिया था और तब MNS खत्म होने की कगार पर थी.
एनसीपी नेता जयंत पाटिल बोले कि अगर 40 विधायक टूरिस्ट बनकर सूरत और गुवाहाटी चले गए तो इसका मतलब यह नहीं कि वह हमारी सरकार में नहीं हैं. अभी शिंदे साहब सरकार के बाहर नहीं गए हैं न ही उन्होंने इस्तीफा दिया. अभी तक कुछ शिवसेना के हिस्सा हैं और सरकार में मंत्री हैं. अभी तक किसी ने राज्यपाल को इस्तीफा नहीं भेजा है.
एनसीपी नेता जयंत पाटिल ने बताया कि सरकार सुचारू रूप से काम कर रही है. अभी ऐसी कोई तस्वीर दिखाई नहीं पड़ रही, जिससे यह पता चले कि सरकार से समर्थन वापस ले लिया गया है, हां कुछ विधायक जरूर बाहर गए हैं. ढाई साल गठबंधन की पार्टियों ने सरकार चलाई है और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में सब कुछ बेहतर चला है. डिप्टी स्पीकर के पास दस्तावेज जमा किए गए हैं लेकिन अब तक उन्होंने क्या कार्यवाही की है, उसकी जानकारी मुझे नहीं मिली है. सभापति सुबह नासिक गए थे. वह अब लौट आए हैं, ऐसे में वही उचित कदम उठाएंगे.
अजीत पवार ने बताया कि कल हमने राजनीति संकट पर एनसीपी के स्टैंड पर बात की. आज मैंने शरद पवार से मुलाकात की. अब शाम 6:30 बजे हम उद्धव ठाकरे से मिलेंगे. उन्होंने कहा कि हमारा स्टैंड क्लीयर है. हम सीएम उद्धव ठाकरे के साथ हैं. अजीत पवार का कहना है कि भले ही विद्रोही कह रहे हों कि उनके पास संख्या है, लेकिन वह शिवसेना के साथ हैं. बहुमत अभी भी एमवीए के पास है.
उद्धव ठाकरे की बैठक के बाद बाहर निकले संजय कदम ने कहा कि जो धोखा देकर गया है, उनको माफी नहीं मिलेगी. विधायकों को वापस लाने की कोशिश नहीं करेंगे. हमने उन्हें जो स्थान दिया है, अब हम दूसरों को उस स्थिति में लाएंगे.
आदित्य ठाकरे ने जिला अध्यक्षों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की. उद्धव ठाकरे इस बैठक में वर्चुअली शामिल हुए. आदित्य ठाकरे ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि सत्ता आती जाती रहती है. हम सत्ता के लालची नहीं हैं. हमें परिवार के सदस्य ने धोखा दे दिया. ज्यादा बोली लगी तो उन्होंने हमें छोड़ दिया. पहले भी लोगों ने शिवसेना को धोखा दिया है. सीएम उद्धव ने कहा है कि जो लोग पार्टी से जाना चाहते हैं, उन्हें जाने दो.
'उद्धव के साथ शिवसेना के 16 विधायक, शिंदे को BJP ने नहीं बनने दिया था CM', बोले संजय राउत
शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि एकनाथ शिंदे पर अब बीजेपी का कब्जा हो गया. बीजेपी तय करेगी कि उन्हें क्या करना है. अब उनके हाथ में मामला नहीं रहा है.
उद्धव ठाकरे ने बैठक में शिवसैनिकों से कहा कि उस समय मेरी तबीयत ठीक नहीं थी. कंधे से लेकर पैरों तक कोई हलचल नहीं थी. कुछ लोगों को लगा कि मेरी तबीयत ठीक नहीं होगी. लोग दुआ कर रहे थे कि मैं ठीक न हो जाऊं लेकिन मुझे ऐसे लोगों की परवाह नहीं है. देवी जगदम्बा ने मुझे शक्ति और जिम्मेदारी सौंपी है. हम पिछले ढाई साल से कोविड से लड़ रहे हैं. उसके बाद मुझे एक सर्जरी से गुजरना पड़ा और अब यह समस्या आ खड़ी हूई. हमें याद रखना चाहिए कि अलग-अलग समय पर अलग-अलग लोगों ने हमारे साथ कैसा व्यवहार किया. उन्होंने कहा कि मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मुझे यह (सीएम) पद मिलेगा.
महाराष्ट्र सीएम उद्धव ठाकरे ने सेना भवन में बैठक के दौरान कहा कि मेरी तबीयत ठीक नहीं थी. मैं पिछले 6-7 महीने से बीमार हूं. जिस दिन मैंने वर्षा (सीएम आवास) छोड़ा, उस दिन मुझे जो कहना था, कह दिया था. उन्होंने कहा कि मैंने वर्षा को छोड़ा है, लड़ाई नहीं. सत्ता को लेकर मुझे कोई लालच नहीं. मुझमें अभी भी लड़ने की इच्छाशक्ति है. जिस तरह से बगावत हुई, वह सही नहीं है. मैं उन्हें (बागियों को) चुनौती देता हूं कि वे ठाकरे और शिवसेना के नाम का इस्तेमाल किए बिना सर्वाइव नहीं कर सकते. कुछ लोग कह रहे हैं कि पार्टी में बगावत के पीछे मैं ही कारण हूं, आखिर मैं अपनी ही पार्टी में बगावत क्यों करवाऊंगा?
सियासी लड़ाई के बीच शिंदे ग्रुप ने एक और बड़ा दांव खेला है. शिंदे गुट ने डिप्टी स्पीकर नरहरि जिरवाल (Narahari Jirwal) को हटाने की मुहिम छेड़ दी है. शिंदे ग्रुप ने कहा है कि उन्होंने बिना सलाह लिये उद्धव की टीम के सदस्य को विधानसभा का नेता चुन लिया. कहा गया है कि इसके लिए डिप्टी स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव लाया जाएगा. बता दें कि डिप्टी स्पीकर जिरवाल एनसीपी पार्टी से हैं.
दूसरी तरफ विधायक महेश बालदी और विनोद अग्रवाल ने डिप्टी स्पीकर को पत्र लिखा है. इसमें कहा गया है कि उनको अरुणाचल प्रदेश के 2016 के केस को देखना चाहिए. इसमें सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर स्पीकर (डिप्टी स्पीकर) की पोजिशन खुद सवालों के घेरों में हो तो वह किसी विधायक को अयोग्य ठहराने का काम नहीं कर सकते. दरअसल, शिवसेना ने 16 बागी विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग उठाई है.
बीजेपी विधायक तरंग गोगोई गुवाहाटी के रैडिसन ब्लू होटल पहुंचे. यहां महाराष्ट्र शिवसेना के बागी विधायक ठहरे हुए हैं.
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शिवसेना नेताओं के साथ उद्धव ठाकरे की मीटिंग खत्म हो गई है. सीएम ने मीटिंग में कहा कि जिस तरह से बगावत हुई वह ठीक नहीं हुआ. ठाकरे ने यह भी कहा कि मुझे सत्ता का कोई मोह नहीं है. मीटिंग में आदित्य ठाकरे ने भी अपनी बात रखी. वह बोले कि बागियों ने पैसे के लिए पार्टी को छोड़ दिया है. लेकिन ज्यादा दिन उनके अच्छे दिन नहीं रहेंगे. आदित्य बोले कि उद्धव ठाकरे को कुछ लोगों ने पैसों के लिए धोखा दिया है.
सियासी घमासान के बीच महाराष्ट्र के दो निर्दलीय विधायकों ने डिप्टी स्पीकर Narahari Jirwal को हटाने की मांग रख दी है. बता दें कुछ देर पहले ही Narahari Jirwal ने शिवसेना की मांग को मानते हुए विधायक अजय चौधरी को विधायक दल के नेता के रूप में मान्यता दे दी थी. इसके अलावा उद्धव कैंप के ही सुनील प्रभु को पार्टी चीफ व्हीप चुना गया था.
बता दें कि यह फैसला शिंदे गुट के लिए झटके जैसा है. क्योंकि वे लोग एकनाथ शिंदे को विधायक दल का नेता बता रहे हैं.
महाराष्ट्र के विधायक असम में रुके हुए हैं. इसपर CM हिमंत बिस्वा सरमा का बयान आया है. वह बोले कि देश में जितने विधायक हैं मैं उनको असम में आने के लिए आमंत्रित करता हूं. मुझे नहीं पता कि कब महाराष्ट्र में सरकार बनेगी लेकिन वह (विधायक) जितने दिन भी रहेंगे वह मेरे लिए खुशी की बात है. मैं उद्धव ठाकरे जी को भी छुट्टियों के लिए बुलाना चाहता हूं.
दूसरी तरफ असम कांग्रेस की तरफ से एकनाथ शिंदे को पत्र लिखा गया है. कहा गया है कि वह बागी विधायकों के साथ तुरंत असम से चले जाएं क्योंकि इससे बदनामी हो रही है. ऐसा लग रहा है कि गुवाहाटी में ऐसे विधायक सुरक्षित हैं जो संविधान का सम्मान नहीं करते.
शिवसेना के एक और विधायक दिलीप लांडे (Dilip Lande) गुवाहाटी पहुंच गए हैं. उनके जाने की खबरें पहले ही आ चुकी थीं. अब शिंदे के साथ शिवसेना के 38 विधायक हो गये हैं.
दूसरी तरफ महाराष्ट्र में बागियों के खिलाफ गुस्सा फूट रहा है. नासिक से यह वीडियो आया है. यहां शिंदे की पोटो पर काली स्याही और अंडे फेंके गए.
महाराष्ट्र की सियासी लड़ाई के बीच संजय राउत ने बागी विधायकों पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे को मुंबई आना ही होगा.
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बागी मंत्री एकनाथ शिंदे ने फिलहाल मुंबई आने का प्लान टाल दिया है. वह अभी गुवाहाटी में ही रुकेंगे.
संजय राउत की चेतावनी के तुरंत बाद गुवाहाटी से बड़ी खबर आई है. एकनाथ शिंदे अब गुवाहाटी से मुंबई के लिए रवाना हो चुके हैं. इससे पहले शरद पवार से मिलकर संजय राउत ने कहा था कि हमारा जिसे सामना करना है वह मुंबई में आ सकते हैं.
जानकारी मिली है कि शिंदे मुंबई में डिप्टी स्पीकर से मिलने के लिए आ रहे हैं. यहां शिंदे बता सकते हैं कि उनको साथ शिवसेना के कितने विधायकों का समर्थन है. अबतक के आंकड़ों के मुताबिक, शिंदे गुट में शिवसेना के 38 विधायक शामिल हैं. इसके अलावा कई निर्दलीय भी उनके साथ हैं.
संजय राउत ने शरद पवार से मिलने के बाद बागियों के खिलाफ सख्त तेवर दिखाए. उन्होंने कहा कि हमें जो करना था कर लिया है. हम सब (MVA) एकसाथ हैं. बागियों के लिए उन्होंने कहा कि बातचीत और वापस आने का वक्त अब निकल चुका है. संजय राउत ने कहा कि अगर फ्लोर टेस्ट हुआ तो हम ही जीतेंगे.
एनकाथ शिंदे को अब असम कांग्रेस के अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने पत्र लिखा है. कहा कहा है कि वह गुवाहाटी छोड़कर चले जाएं. लिखा है कि शिंदे खुद और बाकी विधायक रेडिसन ब्लू होटल से चले जाएं. लिखा गया है कि असम की उनकी वजह से बदनामी हो रही है. क्योंकि लग रहा है कि जो विधायक संविधानिक मूल्यों की इज्जत नहीं करते उनके लिए गुवाहाटी सुरक्षित है.
देवेंद्र फडणवीस के घर पर आज एक बैठक चल रही है. इसमें शिवसेना के पत्र पर चर्चा हो रही है. ये पत्र डिप्टी स्पीकर को भेजा गया है. इसमें बागी विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग हुई है. देवेंद्र फडणवीस के साथ गिरीश महाजन, राधाकृष्ण विखे पाटिल समेत पार्टी की लीगल टीम इसपर विचार कर रही है.
संजय राउत ने शरद पवार से मिलने के बाद बागियों के खिलाफ सख्त तेवर दिखाए. उन्होंने कहा कि हमें जो करना था कर लिया है. हम सब (MVA) एकसाथ हैं. बागियों के लिए उन्होंने कहा कि बातचीत और वापस आने का वक्त अब निकल चुका है. संजय राउत ने कहा कि अगर फ्लोर टेस्ट हुआ तो हम ही जीतेंगे.
संजय राउत ने कहा कि अगर लड़ाई सड़क पर हुई तो वहां भी जीतेंगे. हमारा जिसे सामना करना है वह मुंबई में आ सकते हैं. इन्होंने (विधायकों ने) गलत कदम उठाया है. हमने इनको वापस आने का मौका भी दिया लेकिन अब समय निकल चुका है.
मीटिंग में पवार और राउत के साथ गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटील और अनिल देसाई भी शामिल थे. संजय राउत ने कहा कि महा विकास अघाड़ी गठबंधन बना रहेगा और एकजुट रहेगा. शरद पवार की तारीफ में संजय राउत ने कहा कि वह राजनीति के पितामह हैं पर ऐसे वक्त में उद्धव ठाकरे और शरद पवार समेत गठबंधन के तमाम नेताओं के बीच लगातार बातचीत जारी है.
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महाराष्ट्र राजनीतिक संकट मामले पर सुप्रीम कोर्ट बुधवार को सुनवाई करेगा. मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस की नेता जया ठाकुर की ओर से दायर याचिका मे सुप्रीम कोर्ट से दलबदल में शामिल सभी विधायकों पर कार्रवाई की मांग की गई है.
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शिवसेना ने 4 और विधायकों को अयोग्य करने का लेटर और पीटिशन विधासनभा के डिप्टी स्पीकर के कार्यालय को दिया है. इससे पहले कल 12 विधायकों पर कारवाई करने की चिट्ठी दी गयी थी. अब कुल मिलाकर 16 बागी विधायकों पर कारवाई करने के उपसभापति को चिट्ठी दी गयी है. शिवसेना की लीगल टीम विधानभवन पहुंची है.
दक्षिण मुंबई के वाई एस चौहान सेंटर पर शरद पवार शिवसेना सांसद संजय राउत और महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वलसे पाटिल के बीच बैठक हो रही है. कल दोपहर से ही शरद पवार की सक्रियता दिखाई दे रही है.
गुवाहाटी पहुंचे शिवसेना के एक नेता को हिरासत में लिया गया है. ये बागी विधायकों को मनाने पहुंचे थे. नेता का नाम संजय भोसले है, वह सातारा के शिवसेना उप जिला प्रमुख हैं.
शिवसेना के एक और विधायक बागी हो गये हैं. विधायक दिलीप लांडे सूरत से गुवाहाटी के लिए रवाना हो गये हैं. इस हिसाब से अब शिवसेना के 55 में से 38 विधायक शिंदे गुट में शामिल हो गये हैं.
महाराष्ट्र के 12 बागी विधायकों को डिप्टी स्पीकर नोटिस जारी कर सकते है. इसमें एकनाथ शिंदे का भी नाम है. ये नोटिस शिवसेना की अर्जी के बाद दिया जा सकता है. इसमें शिवसेना ने 12 बागी विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग उठाई है.
महाराष्ट्र में चल रहे राजनीतिक संकट के बीच शिवसेना ने आज दोपहर 12 बजे शिवसेना भवन, मुंबई में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में पार्टी के जिलाध्यक्षों की बैठक बुलाई गई है. राउत ने कहा कि पवार को धमकियां देने का काम चल रहा है. अमित शाह और मोदी जी आप के मंत्री पवार साहब को धमकी दे रहे हैं. क्या ऐसी धमकियों को आपका समर्थन है?
संजय राउत ने आगे कहा कि संख्या बल कागज में ज्यादा हो सकती है लेकिन अब यह लड़ाई कानूनी लड़ाई होगी. हमारे जिन 12 लोगों ने बगावत शुरू की है उनके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की है जिसके लिए हमारे लोगों ने सभापति से मुलाकात की है. संजय राउत ने कहा कि लड़ाई चाहे संख्याबल की हो, कानूनी हो या फिर सड़क पर तीनों में शिवसेना जीतेगी.
शिवसेना नेता संजय राउत ने आरोप लगाया है कि केंद्रीय मंत्री ने शरद पवार के लिए आपत्तिजनक शब्द बोले हैं. राउत ने लिखा कि बीजेपी से जुड़े एक केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि अगर महाविकास अघाड़ी सरकार को बचाने की कोशिश होगी तो शरद पवार को घर नहीं जाने दिया जाएगा. राउत ने आगे लिखा कि MVA सरकार बचे या ना बचे, लेकिन पवार के लिए ऐसा शब्दों का इस्तेमाल ठीक नहीं.
एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे के नोटिस पर प्रतिक्रिया दी है. शिंदे ने कहा कि वह नोटिसों से डरने वाले नहीं हैं और उद्धव बागी विधायकों को अयोग्य नहीं ठहरा सकते.
एकनाथ शिंदे का गुट आज और मजबूत हो सकता है. कुछ और विधायक आज गुवाहाटी पहुंच रहे हैं. माना जा रहा है कि इससे शिंदे के गुट में शामिल शिवसेना के विधायकों की संख्या 50 पार जा सकती है.
गुवाहाटी में मौजूद बागी विधायक संजय सिरसात ने उद्धव ठाकरे पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि कई मौकों पर उद्धव ठाकरे को बताया गया था कि कांग्रेस और एनसीपी शिवसेना को खत्म करने की कोशिश कर रही है. विधायकों ने कई बार उद्धव से मिलने का वक्त मांगा लेकिन वह कभी नहीं मिले.
- उद्धव ठाकरे शिवसेना के जिला प्रमुखों से बात करेंगे. जानकारी के मुताबिक, एकनाथ शिंदे का ग्रुप पार्टी के सिंबल धनुष और बाण पर अपना दावा जताने वाला है. इसलिए यह मीटिंग बहुत जरूरी है.
- आज सबकी नजरें डिप्टी स्पीकर Narhari Zirwal पर रहेंगी. कल उद्धव ग्रुप ने उनको 12 बागी विधायकों की लिस्ट (शिंदे समेत) दी है. उनको अयोग्य ठहराने की मांग उठी है. दूसरी तरफ शिंदे ने खुद को विधायक दल का नेता बता दिया है. उन्होंने भी डिप्टी स्पीकर को पत्र भेजा है.
- देवेंद्र फडणवीस आज दिल्ली में हैं. वह अमित शाह से बातचीत करेंगे.
- आज डिप्टी सीएम अजित पवार पर भी नजरें रहेंगी. कल चाचा शरद पवार ने उनके दावे को सिरे से नकार दिया था. दरअसल, अजित पवार ने कहा था कि शिंदे की बगावत के पीछे बीजेपी का हाथ है.
महा अघाड़ी सरकार बचाने के लिए शरद पवार भी एक्शन में हैं. उन्होंने शिंदे के साथियों को दो टूक संदेश दिया है. कहा गया है कि उनको बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी. पवार बोले कि विधानसभा के फ्लोर पर बहुमत का फैसला होगा.
शिंदे ने इशारों में BJP को सुपर पॉवर बताया है. बागी विधायकों से उन्होंने बोला है कि डरने की जरूरत नहीं है क्योंकि सबसे बड़ी ताकत हमारे साथ है. इस बीच कल दो और विधायक गुवाहाटी पहुंचे. अब शिंदे गुट में शिवसेना के 37 MLA हैं.
बागी विधायकों से निपटने के लिए शिवसेना ने सख्त कदम उठाया है. शिंदे गुट के 12 विधायकों को अयोग्य ठहराने के लिए डिप्टी स्पीकर को चिट्ठी लिखी गई है. बैठक में शामिल ना होने पर उनपर कार्रवाई की मांग हुई है. दूसरी तरफ शिवसेना की कार्रवाई की मांग के बदले शिंदे ने डिप्टी स्पीकर और राज्यपाल को पत्र लिखा है. उन्होंने अपने खेमे में 37 शिवसेना विधायकों के होने का दावा किया है. शिंदे ने खुद को विधायक दल का नेता बताया है.