
महाराष्ट्र के रायगढ़ में पांच मंजिला इमारत को गिरे 36 घंटे से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है. देर रात एक महिला को जिंदा बाहर निकाल लिया गया. यह महिला 26 घंटे से मलबे के नीचे फंसी थी. बताया जा रहा है कि एनडीआरएफ की टीम ने मंगलवार रात 10 बजे महिला को बाहर निकाला.
जानकारी के मुताबिक, महिला का नाम मेहरुनिशां अब्दुल हमदी काजी है. उन्हें देर रात 10 बजे एनडीआरएफ की रेस्क्यू टीम ने जिंदा बाहर निकाला. इसके बाद उन्हें आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अभी उनकी हालत स्थिर है. इस हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें 8 महिलाएं शामिल हैं.
क्या है पूरा मामला
रायगढ़ जिले के म्हाण इलाके में सोमवार को तालाब के किनारे बनी एक पांच मंजिला इमारत गिर गई थी. तारिक बिल्डिंग नामक इस इमारत के मलबे से अब तक 15 लाशें निकाली जा चुकी हैं. इसमें 7 पुरुष और 8 महिलाएं शामिल हैं. इस इमारत में 40 फ्लैट थे. जिसमें 84 लोगों के रहने की बात कही जा रही थी.
2013 में बनी थी बिल्डिंग
रायगढ़ की जिलाधिकारी निधि चौधरी ने बताया कि बिल्डिंग का निर्माण साल 2013 में पूरा हुआ था. साल 2013 में ही बिल्डिंग का निर्माण पूर्ण होने का सर्टिफिकेट दिया गया था. उन्होंने इमारत के गिरने के पीछे जर्जर हालत को वजह बताया. जिलाधिकारी ने कहा था कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
बिल्डर समेत पांच के खिलाफ FIR
पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ धारा 304, 337, 338 और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है. इसमें इमारत के बिल्डर फारुख काजी, आर्किटेक्ट गौरव शाह, बिल्डिंग के आरसीसी सलाहकार बाहुबली धमाने, महाड नगर पालिका के कार्यकारी अधिकारी दीपक झिंझाड़ और बिल्डिंग इंस्पेक्टर शशिकांत दिघे को आरोपी बनाया गया है.